घाटमपुर(कानपुर)। कस्बे में मंगलवार को दिगंबर जैन धर्मावलंबियों ने सोलहवें तीर्थकर भगवान शांतिनाथ प्रभो की रथयात्रा निकाली। आशानगर वार्ड स्थित जैन मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकली रथयात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करती हुई शाम को वापस जैन मंदिर में समाप्त हुई। महाआरती और प्रसाद वितरण में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सुबह हुई बारिश से यात्रा करीब डेढ़ घंटे विलंब से शुरू हुई।
कस्बे के नगरपालिका रोड पर स्थित जैन गेस्ट हाउस में दोपहर 12.30 बजे से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ.वीके जैन ने झंडारोहण करके रथयात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। रथयात्रा पुराना अस्पताल रोड से कानपुर रोड होते हुए रोडवेज बस स्टैंड के सामने से होती हुई मूसानगर रोड और फिर नगर पालिका रोड पहुंची। जहां जैन धर्म के अनुयाइयों ने भगवान शांतिनाथ प्रभो का प्राक्षालन करने के बाद उनकी आरती उतारी और भोग लगाया। रथयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
जैन समाज के लोगों ने भगवान शांतिनाथ की आरती उतारी, महिलाओं और बच्चों ने गीत गाए और भगवान के ऊपर पुष्पवर्षा की। भगवान शांतिनाथ रथ पर सवार थे और सेवक चंवर डुला रहे थे। मुख्य रूप से राकेश कुमार जैन, अजय जैन, गौरव, संजीव कुमार जैन, विनय कुमार जैन, विकास जैन, अनंत जैन, चंदन वाला, नूतन, अलका, और नीरज जैन शामिल रहे। रथयात्रा में कस्बा चौकी सत्यपाल सिंह हमराहियों के साथ व्यवस्था को सुचारू बनाते हुए चल रहे थे।
कस्बे के मोहल्ला आशानगर से शुरू हुई रथयात्रा पुराना अस्पताल रोड होते हुए कानपुर रोड पर पहुंची। भगवान शांतिनाथ प्रभो के रथ को जैन समाज के युवक हर्षोल्लास के साथ अपने कंधों पर खींच रहे थे।
उन्होंने बताया कि बीते वर्ष रथ में जुते बैल वाहनों की भीड़भाड़ में बार-बार भड़क रहे थे। जिसके चलते पिछले वर्ष जहां बैलों को न जोतकर युवकों ने खुद ही खींचने की योजना बनाई थी। वहीं यह क्रम इस वर्ष भी दोहराया गया। जैन धर्मावलंबियों ने बताया कि इस वर्ष कानपुर मार्ग पर नेयवेली पावर प्लांट को डाली जा रही पाइप लाइन के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढों के चलते शोभायात्रा प्रभावित हुई।