कानपुर देहात। जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एडीजे चतुर्थ की कोर्ट नेे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजे चतुर्थ के एडीजीसी उदयवीर सिंह ने बताया कि सखरेज थाना शिवराजपुर निवासी ऊषा देवी पत्नी स्व. मान सिंह ने 11 जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज में बताया था कि 10 जून की रात करीब नौ बजे उसके पति मान सिंह मूंग की फसल की रखवाली के लिए खेत गए थे। अगले दिन सुबह जब उसका देवर सुंदर सिंह खेत पहुंचा तो मान सिंह का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा था। मान सिंह की सिर कुचल कर हत्या की गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच में गांव के ही राम बहादुर कुर्मी पुत्र राजाराम का नाम प्रकाश में आया था। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे चतुर्थ बृजभूषण यादव सजा सुनाई है।
किशोरी से दुष्कर्म में सात साल कैद
जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर सात साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। रमादेवी कटियार ने बताया कि बिल्हौर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 जून 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 28 जून 2014 को उसकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री को पड़ोसी फिरोज पुत्र हसीन बहला-फुसला कर अपने घर ले गया। वहां उससे दुष्कर्म किया। घर लौटने पर पुत्री ने आपबीती बताई तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट अखिलेश कुमार पाठक ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश किया है।