थाना सजेती क्षेत्र के सूखापुर गांव में एक युवती ने खुद को आग के हवाले कर दिया। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
सूखापुर गांव निवासी महेंद्र कुमार प्रजापति गुजरात में मजदूरी करता है। गांव में उसकी पत्नी ऊषा देवी (26) दो बच्चों के साथ रहती थी। महेंद्र कई महीने से अपने घर नहीं आया था। इससे ऊषा काफी परेशान थी।
इधर, उसके सास-ससुर भी उसे कोई तरजीह नहीं दे रहे थे। मंगलवार की शाम ऊषा ने अपने दोनों बच्चों को खेलने के लिए घर के बाहर भेज दिया। इसके बाद कमरे के भीतर घुसकर अंदर से दरवाजा बंदकर लिया।
कुछ देर बाद कमरे के अंदर से आग की लपटें और धुआं उठते देख परिवार के सदस्य और पड़ोसी दौड़े। और कमरे का दरवाजा तोड़ने के बाद आग बुझाई।
ऊषा को गंभीर हालत में सीएचसी घाटमपुर लाए, जहां से डाक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। लेकिन, कानपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई, जिस पर परिजन उसके शव को लेकर गांव लौट आए।
बुधवार की सुबह मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने ऊषा के शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सजेती थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतका का मायका हमीरपुर जिले के थाना सुमेरपुर क्षेत्र में है।
बताया कि हादसे की सूचना पर उसके मायके वाले आए थे। लेकिन, अभी उन्होंने किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। बताया कि यदि वह कोई तहरीर देते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि घटना के समय ऊषा का पति गुजरात में था, उसे भी सूचना भेजी गई।