साहब, कई महीने पूर्व मुझे अगवा किया गया और गैर प्रांत में ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म हुआ। इससे मैं गर्भवती हुई और अब ससुराल पक्ष ने मेरी नवजात बच्ची को स्वीकारने से भी मना कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पर भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और मुझे अब तक न्याय नहीं मिला है। ऐसे में मेरी भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और मुझे न्याय नहीं मिल जाता। कुछ यही बातें दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठी कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने तहसील परिसर में उसे समझाने आए सीओ से कहीं। इस दौरान सीओ उसे उसकी गोद में खेल रही 18 दिन की नवजात बच्ची की सेहत का हवाला देते रहे पर महिला न्याय मिलने तक तहसील परिसर में ही भूखहड़ताल पर बैठे रहने की जिद पर अड़ी रही।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला को कुछ लोगों ने रास्ते से अगवा कर लिया था। आरोप है कि उसको कई महीने तक किसी अन्य प्रांत में ले जाकर बंधक बनाए रखा और उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया। इससे वह गर्भवती हो गई। आरोपियों के चंगुल से छूटकर महिला किसी तरह अपनी ससुराल पहुंची और कोतवाली में 15 मई 2017 को आरोपियों के खिलाफ अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज कराया था।
महिला का आरोप है कि कोतवाली पुलिस आरोपियों से मिल गई और उनको गिरफ्तार करके जेल नहीं भेजा। इधर, घटना के मुख्य दो आरोपी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी का स्टे ले आए। वहीं, उसे अभी तक मुआवजा राशि भी नहीं मिली है। इधर, महिला ने 17 दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया तो उसके ससुराल वालों ने बच्ची को यह कहकर अपनाने से मना कर दिया कि वह नाजायज संतान है। सामाजिक आक्षेप और पुलिस की लापरवाही से तंग होकर महिला बीते शुक्रवार की दोपहर से तहसील भवन पर नवजात बच्ची को गोद में लिए भूख हड़ताल पर बैठी है। शनिवार की शाम सीओ बाबूपुरवा अजीत कुमार रजक महिला को मनाने पहुंचे।
सीओ और कोतवाल ने महिला से बातचीत करके उसके बयान दर्ज किए और आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष ढंग से कार्रवाई करने का भरोसा दिया। महिला का कहना है कि जब तक आरोपी जेल नहीं भेजे जाते और उसके केस में पुलिस चार्जशीट नहीं देती तब तक वह यहीं बैठेगी। इस संबंध में सीओ बाबूपुरवा अजीत कुमार रजक ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से महिला को अभी तक मुआवजा राशि क्यों निर्गत नहीं हुई है, इसका पता कराएंगे। जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के पीछे हाईकोर्ट का स्टे वारंट होना बताया। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला के मामले की निष्पक्ष जांच करने के साथ ही वह उसे न्याय दिलाएंगे।