घाटमपुर। शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में भी लॉकडाउन की सख्ती और बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के सख्त निर्देशों के चलते स्थानीय अधिकारी भी चौकन्ने हैं। सोमवार की सुबह पुलिस-प्रशासन की टीमों ने कस्बे में घूम-घूमकर लोगों को सचेत किया। बेवजह बाहर घूमते दिखाई दिए लोगों को पुलिस ने खदेड़कर घरों में किया।
उपजिलाधिकारी वरुण कुमार पांडेय, तहसीलदार विजय यादव और नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र सोनी ने एनसीसी कैडेट्स को साथ लेकर कस्बे की गलियों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कस्बे के हॉट स्पॉट कजियाना और जामिया मस्जिद क्षेत्र का भी भ्रमण किया। और लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की हिदायत दी। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी को यथावत जारी रखवाने का भरोसा दिया।
इधर, 20 अप्रैल से लाकडाउन के दौरान सशर्त छूट दिए जाने की घोषणा पर सोमवार की सुबह तमाम लोग बेवजह घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर घूमने पहुंचे गए। लेकिन, पहले से सतर्क पुलिस ने सभी को खदेड़कर लौटा दिया। इसके चलते कस्बे के मुख्य चौराहा, सदर बाजार, पुराना अस्पताल रोड, नगर पालिका रोड और कानपुर-सागार राजमार्ग पर सन्नाटा पसरा दिखा।
कस्बा बरीपाल (सजेती) क्षेत्र में पुलिस की सख्ती के चलते सोमवार को फल और सब्जी वालों तक ने वहां जाने का साहस नहीं किया। रेड जोन क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि पुलिस की सख्ती के चलते उनके घरों में दूध और सब्जी तक नहीं पाई। इसकी जानकारी होने पर सेक्टर अधिकारियों ने दोपहर में आवश्यक सामग्री की होम डिलीवरी करवाई। पतारा, भीतरगांव, नौरंगा, परास, रेउना और साढ़ क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस ने सख्ती शुरू की है। इन इलाके के लोगों ने बताया कि पुलिस-प्रशासन की सख्ती से खेत-खलिहान के काम से आने-जाने वाले किसानों और मजदूरों को भी समस्या पैदा हो रही है और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है।