सजेती (घामटपुर)/ कानपुर। कोरोना के चलते लॉकडाउन घोषित होने के बाद देश के विभिन्न प्रांतों और जिलों में काम करने वाले मजदूरों का घर वापस लौटने का सिलसिला जारी है। सवारी साधन न मिलने पर पैदल ही सफर तय कर रहे हैं। शनिवार दोपहर बाद हमीरपुर और महोबा जिले के निवासी चार युवक पैदल जाते दिखे। पूछने पर उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई।
चंदौखी (हमीरपुर) निवासी कुलदीप और ग्योंड़ी (महोबा) निवासी सतीश ने बताया कि वह लोग नोएडा के सेक्टर-63 में स्पोर्ट्स कंपनी में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन होने के बाद घर वापस लौटने के लिए कोई साधन नहीं मिला। 23 मार्च की सुबह चारों लोग पैदल प्रस्थान कर दिए। रास्ते में भूखे-प्यासे किसी तरह सफर तय कर यहां तक पहुुंचे। किसी ने रास्ते में कुछ दे दिया तो खाकर पानी पीने के बाद फिर आगे को चलते रहे।
इधर, क्षेत्र मेंनिर्माणाधीन 1980 मेगा पावर विद्युत प्लांट में काम करने वाले करीब 1200 मजदूरों को उनके घरों को रवाना करने के लिए डीएम के निर्देश पर बीते शुक्रवार की रात रोडवेज की 27 बसें भेजी गईं। जोकि मजदूरों के लेकर देररात रवाना हुईं। नेयवेली की सहायक कंपनी एलएंडटी के अधिकारियों ने बताया कि घर भेजे गए मजदूरों को बसें प्रदेश के बहराइच, गोरखपुर और चंदौली जिलों तक पहुंचाकर वापस लौटेंगी।