फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत बंद हुआ फ्लाप, खुली रहीं दुकानें

Tue, 29 Nov 2016 02:33 AM IST
अमप उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
अकबरपुर कस्बा में खुली दुकानें। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पांच सौ और हजार के नोटबंदी पर मोदी सरकार के खिलाफ सोमवार को विपक्ष के देशव्यापी प्रदर्शन व भारत बंद का असर पूरी तरह फ्लाप रहा। जिले में दुकानें आम दिनों की तरह खुलीं। लोग सामान्य दिनों की तरह खरीददारी करते रहे। कुछ व्यापारियों ने सही तो कुछ ने सुधार करने की प्रतिक्रिया दी।   
विज्ञापन

बता दें कि केंद्र सरकार के 500 व 1000 रुपये के नोट बंद के विरोध में तृणमूल कांग्रेस, आप, सपा, बसपा, वाम दलों ने सोमवार को भारत बंद करने का ऐलान किया था। सोमवार को विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से दुकानें बंद रखने की अपील की थी। सुबह से अकबरपुर सहित शिवली, रूरा, रनियां, रसूलाबाद, झींझक, सरवनखेड़ा, पुखरायां, डेरापुर सहित अन्य कस्बों में दुकानें खुल गई।

लोग किराना, रेडीमेड, मोबाइल, खाद आदि की दुकानों पर सामान्य दिनों की तरह से खरीददारी करते रहे। यहां तक की कई व्यापारी नेता भी अपनी दुकानों को खोलकर बिक्री करते दिखाई दिए। लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा। सवारियों को वाहन के इंतजार में परेशान नहीं होना पड़ा। सड़काें पर वाहन रोज की तरह दौड़ते रहे। 
विज्ञापन
 
भारत बंद पर अकबरपुर कस्बा के थोक व्यापारी गुड्डू मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार का नोट बंदी का फैसला सराहनीय है। व्यापार में पारदर्शिता आएगी। किराना व्यापारी गोपी किशन ओमर ने कहा कि काले धन के खिलाफ मोदी सरकार का फैसला उचित है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। रेडीमेड व्यापारी ओमी गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार का फैसला देश हित में है। अब व्यापार में कोई हेराफेरी नही होगी।     खाद बीज विक्रेता सत्येंद्र दुबे ने कहा कि भारत बंद का फैसला बिल्कुल गलत है। दुकानें बंद करने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं सरवनखेड़ा में भारत बंद पूरी तरह बेअसर रहा। गजनेर, सरवनखेड़ा आदि कस्बों में सभी दुकानें आम दिनों की तरह खुली रही। भारत बंद के बारे में दुकानदार भानू सचान ने कहा कि सरकार के फैसले से व्यापारी वर्ग खुश है। ज्वैलर्स रोहन बाजपेई ने कहा कि काला धन को बाहर निकालने व भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सभी को सहयोग देना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें