राहुल के आने से 20 मिनट पहले बांटे जा रहे इंट्री पास के लिए लगी लाइन।
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कैप्टन सुखबासी सिंह स्मारक जनता महाविद्यालय में राहुल गांधी की किसानों के साथ खाट पंचायत में पास बांटने के दौरान अव्यवस्था हावी रही।
पहले एसपीजी और पीके टीम ने स्थानीय स्तर पर व्यवस्था देख रहे पूर्व सांसद राजाराम पाल, जिलाध्यक्ष अभिजीत सिंह सांगा और पार्टी के पूर्व विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी नंदराम सोनकर से पंचायत में शामिल होने वाले किसानों की सूची मांगी थी। इस पर उन्होंने घाटमपुर, पतारा और भीतरगांव ब्लाक के दस-दस किसानों की सूची बनाकर पीके टीम को सौंप दी।
टीम के सदस्यों ने सिर्फ उन्हीं 30 किसानों के नाम विशिष्ट पास जारी कर दिए, जबकि पदाधिकारियों की मांग पर 100 और किसानों की सूची लेने के बाद उनको भी पंचायत स्थल में इंट्री के लिए पास जारी कर दिए।
पंचायत स्थल पर किसानों का पहुंचना शुरू हुआ तो सुरक्षाकर्मियों ने प्रवेश द्वार पर उनके पास चेक करने के बाद इंट्री देनी शुरू कर दी। इससे समस्या पैदा हो गई। बाद में तय किया गया कि पासधारी किसान ही मंच के आगे बिछी खटिया और मूढ़ों तक जा पाएंगे।
राहुल गांधी के मंच के ठीक सामने 250 खाटें और 100 मूढ़े डलवाए गए थे, लेकिन, वहां पास के आधार पर बैठने वाले किसानों की संख्या मात्र 130 थी। राहुल को सुनने के लिए आई भीड़ पंचायत स्थल के बाहर मायूस खड़ी थी।
दोपहर 12 बजे जब राहुल गांधी के आने का समय हो गया तो मंच के आगे पड़ी खाटें और मूढ़े खाली थे। इस पर एसपीजी की अनुमति पर पीके टीम ने पास बांटने शुरू किए। पास बंटने की जानकारी होते ही भीड़ टूट पड़ी, जिससे अव्यवस्था हो गई।