अमराहट थाना क्षेत्र में अरसुनबांगर गांव के युवक-युवती की हत्या के मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दीपू की हत्या में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं, शनिवार को दीपू के बड़े भाई दिलीप ने बताया कि करीब दो साल पहले खेत की सिंचाई के दौरान शिवकुमार और उसके परिजनों से विवाद हुआ था। फायरिंग में दोनों पक्ष के लोग जख्मी हो गए थे। तब शिवकुमार ने दीपू और उसके परिजनों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
मंगलवार को अरसुनबांगर निवासी रामबाबू यादव के पुत्र दीपू के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी थी और बदन पर चोटें भी थी। उसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। मृतक के पिता ने गांव के ही शिव कुमार, राजा सिंह, रामदास व सत्येंद्र के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दीपू का शव मिलने के दो दिन बाद अपने मौसिया अरसुनबांगर निवासी शिवकुमार के घर करीब चार साल से रह रही सिरसाकलार-जालौन के निपनियां निवासी गुड्डन का शव मिला। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से गला और एक हाथ काटा गया था। ज्यादा खून रिसने से मौत होने की पुष्टि की गई है। थाना इंचार्ज आरपी प्रजापति ने बताया कि गुड्डन की हत्या के मामले में किसी ने तहरीर नहीं दी। चौकीदार बलवान सिंह की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कहा है कि दोनों परिवारों के बीच रंजिश और ऑनर किलिंग के बिंदुओं पर जांच की जा रही है। दीपू की हत्या में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।