शनिवार को भी जिले में घने कोहरे और गलन का प्रकोप बना रहा। इस दौरान बर्फीली हवाएं लोगों पर और सितम ढाती रही। इससे जनजीवन पर असर देखने को मिल रहा है। इंसानों से लेकर बेजुवान तक ठंड से कंपकंपा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने नये वर्ष का आगाज कोहरे व गलन के बीच होने की संभावना जताई है।
जिले में बर्फीली हवाओं के चलते गलन का प्रकोप है। पुराने वर्ष के अंतिम दिन ठंडक बनी रही। भोर पहर कोहरे की घनी चादर छा गई। इससे सड़कों पर चलने वाले वाहन धीमी रफ्तार से निकले। अधिकांश वाहन चालक होटलों व ढाबों के किनारे खड़े होकर कोहरा छंटने का इंतजार करते रहे। दोपहर में धूप निकलने के बाद कोहरे का प्रकोप कम हुआ।
इधर परिषदीय स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं होने से बच्चे गलन भरी सर्दी में कंपकंपाते हुए स्कूल पहुंचे। गलन भरी सर्दी के चलते अकबरपुर बीआरसी स्कूल में शिक्षक प्रधानाध्यापक शहनाज बेगम, शिक्षक प्रीती मिश्रा व बच्चे अलाव तापकर ठंड भगाते दिखे।
शाम ढलते ही कोहरे की चादर और ठंड का प्रकोप हो गया। इससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। नव वर्ष का आगाज करने के लिए युवा घरों में कैद होकर जश्न मनाते नजर आए।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 17.09 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 11.07 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
अधिकतम आद्रता 100 फीसदी और न्यूनतम आद्रता 85 फीसदी दर्ज की गई। हवाएं पूर्वी रहीं और वेग पांच किलोमीटर प्रति घंटा रहा। रविवार सुबह कोहरा छाया रहेगा। इससे ठंड बनी रहेगी।
जानवरों को शीतलहर से बचाएं पशुपालक- कानपुर देहात। हाड़कंपाऊ ठंड और शीतलहर का प्रकोप इंसानों के साथ ही बेजुवानों के लिए भी मुसीबत बना हुआ है। सीवीओ डा. कृपाल सिंह ने बताया कि पशुपालक जानवरों का शीतलहर से बचाव करें। पशुओं को ऐसी जगह पर बांधे, जहां पर उन्हें सीधी हवा न लगे। साथ ही पशुओं को बोरा, झाल ओढ़ाकर शीतलहर से बचाएं।