थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर के पास टूटे पड़े हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर टेंट हाउस संचालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने तीन घंटे तक रोड जाम करके प्रदर्शन किया और शव नहीं उठने दिया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम व थाना पुलिस ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। मामले में एसडीओ, जेई समेत चार बिजली कर्मियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नगर पंचायत डेरापुर के मोहल्ला दीनदयालनगर रानीपुर निवासी राजकुमार (28) टेंट हाउस का काम करता है। बुधवार को सुबह वह बाइक से गांव के ही ओमप्रकाश (35) पुत्र भजनलाल के साथ गांव सनियापुर गांव गया था।
लौटते समय सुबह करीब 9:30 बजे शेरपुर के पास अमीन के निजी ट्यूबवेल के लिए जाने वाली बिजली लाइन का तार टूटा पड़ा था। जैसे ही बाइक तार के ऊपर से गुजरी, तभी दोनों करंट की चपेट में आ गए। यह देख आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भागकर मौके पर पहुंचे। बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को उठाया, तब तक राजकुमार की मौत हो चुकी थी।
घायल ओमप्रकाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां ओमप्रकाश की भी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने शेरपुर-सनियापुर रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था कि मंगलवार की रात हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया थी। रात में ही सूचना देने के लिए जेई व एसडीओ को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। बिजली पावर हाउस खबर भिजवाई गई फिर भी टूटा तार वैसा ही पड़ा रहा।
हंगामे की सूचना पर एसडीएम सुरजीत सिंह, थानाध्यक्ष शिवकांत समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम ने मृतक परिवारों को किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये, दोनों मृतक परिवारों को एक-एक आवास व बिजली विभाग से नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब लोगों ने जाम खोला व शव उठने दिया।
मामले में ओमप्रकाश कठेरिया के भाई दशरथ ने थाने में एसडीओ एसके मिश्रा, जेई सोहन स्वरूप व दो अज्ञात बिजली कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है।