अकबरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में पराग डेयरी के निकट बने सार्वजनिक शौचालय में लटक रहा ताला।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत अफसरों की नाक के नीचे जिला मुख्यालय पर अनदेखी का आलम है। अकबरपुर नगर पंचायत के मोहल्ले गांधीनगर की गिहार बस्ती में नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) का बनवाया सार्वजनिक शौचालय व स्नानागार बेकार पड़ा है। छह लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि खर्च होने के बावजूद नतीजा जीरो है। लोग खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
सभासद बबलू भारती ने बताया कि गिहार बस्ती से सैकड़ों लोग खुले में शौच करने के लिए अभी भी जाते हैं। कोई बस्ती की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग किनारे तो कोई अकबरपुर-रूरा रोड किनारे बीआरसी व अकबरपुर इंटर कालेज के इर्दगिर्द खुले में शौच करता है। बताया कि इसके लिए सीधे तौर पर डूडा दोषी है, क्योंकि कई साल बाद भी सार्वजनिक शौचालय की सुविधा जनता को नहीं दी जा सकी है।
बस्ती में रहने वाले सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए नगर पंचायत की ओर से डूडा को तिराहे के पास सार्वजनिक स्थान पर शौचालय निर्माण को जगह मुहैया कराई गई थी। बीते वर्ष सार्वजनिक सुलभ शौचालय व स्नानागार निर्माण शुरू हुआ पर एक साल बीतने व चार लाख रुपये खर्च हो जाने के बावजूद जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सुलभ शौचालय बनकर तैयार है लेकिन उसके गेट पर ठेकेदार ने ताले डाल रखे हैं।
सार्वजनिक सुलभ शौचालय व स्नानागार की लागत करीब छह लाख रुपये है। इसमें से चार लाख का भुगतान हो चुका है। शेष राशि की किस्त मिलने में देरी हुई है। अब बजट आ गया है। जिलाधिकारी स्तर पर फाइल भेजी गई है। धनराशि का आवंटन होते ही अवशेष निर्माण व विद्युतीकरण पूरा कराकर सार्वजनिक शौचालय नगर पंचायत को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
-आफताब अहमद, अवर अभियंता डूडा।
सुलभ शौचालय बन जाए तो गिहार बस्ती के लोगों द्वारा खुले में शौच से उत्पन्न होने वाली गंदगी की समस्या दूर हो जाएगी। वहीं संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी कम होगा। डूडा के स्तर से देरी हो रही है। जैसे ही नगर पंचायत को सुलभ शौचालय हैंडओवर होगा वैसे ही तत्काल इसका संचालन शुरू करा देंगे।
-सुशील कुमार दोहरे, ईओ नगर पंचायत अकबरपुर।