स्वास्थ्य कर्मियों और सीएमओ के बीच चल रहा गतिरोध गुरुवार को और गहरा गया। मुख्य चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर अडिग डिप्टी सीएमओ व स्वास्थ्य कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार दोपहर को सीडीओ से वार्ता विफल रहने पर डिप्टी सीएमओ समेत जिले के स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक त्यागपत्र देने का ऐलान किया है।
गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनीता सिंह के उत्पीड़न व प्रताड़ना के शिकार डिप्टी सीएमओ सहित डाक्टर, लिपिक, वाहन चालक, चिकित्साधीक्षक सहित अन्य कर्मचारी तीसरे दिन भी धरने पर बैठे। वहीं बुधवार रात 150 स्वास्थ्य कर्मियों पर रिपोर्ट होने से स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश दिखा। इस पर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों से बड़ी संख्या में महिला व पुरुष स्वास्थ्य कर्मी धरनास्थल पर पहुंच गए। जानकारी मिलते ही अकबरपुर तहसीलदार शंभूशरण पुलिस बल के साथ धरनास्थल गए।
दोपहर को डिप्टी सीएमओ की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने सीडीओ केके गुप्ता व एसडीएम सदर जयनाथ यादव से वार्ता की। पीड़ित
डिप्टी सीएमओ और कर्मचारियों ने सीएमओ डा. अनीता सिंह के उत्पीड़न तथा कई माह से वेतन न मिलने का दुखड़ा सुनाया। साथ ही सीएमओ का स्थानांतरण न होने पर जिला से लेकर ब्लाक स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक त्यागपत्र देने का ऐलान कर दिया। वार्ता में सीडीओ से सीएमओ के गैर जनपद स्थानांतरण की मांग का समुचित जवाब न मिलने पर स्वास्थ्य कर्मी विरोध प्रदर्शन करने की बात कहते हुए चले गए और नारेबाजी करते रहे।
डिप्टी सीएमओ डा. एपी वर्मा ने बताया कि सीएमओ डा. अनीता सिंह का गैर जनपद स्थानांतरण न होने पर जिले व ब्लाक के सभी स्वास्थ्य कर्मी सशर्त सामूहिक त्यागपत्र प्रमुख सचिव को प्रेषित करेंगे। वहीं इस मामले में सीएमओ डा. अनीता सिंह का पक्ष जानने लेने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस मौके पर दौरान डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार, फतेह बहादुर सिंह, डा. एके वर्मा, डा. जीपी द्विवेदी, विजय बहादुर, डा. अजय कुमार, रत्नेश वाजपेयी, राजवीर, खुशीराम सिंह, जयप्रकाश, अचल मिश्रा, रामशंकर गौतम, संगीता आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
थाना के सैंथा गांव निवासी नि:शक्त ममता पत्नी रामप्रकाश विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने सीएमओ कार्यालय पहुंची। बताया कि पहले वह जिला अस्पताल पहुंची, जहां से उसे सीएमओ कार्यालय भेजा गया, लेकिन सीएमओ कार्यालय में कामकाज न होने से विकलांग सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा है। इसी तरह सीएमओ कार्यालय पहुंचने वाले जरूरतमंद कामकाज न होने पर मायूस लौट रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनीता सिंह के उत्पीड़न को लेकर चल रहे आंदोलन को कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिलता जा रहा है। यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, राजकीय वाहन चालक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के समर्थन देने के बाद गुरुवार को डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन सीएमओ के विरोध में आ गया। संगठन अध्यक्ष डा. रामशंकर गौतम ने बताया कि सीएमओ की उत्पीड़नात्मक कार्यशैली के चलते वह स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करते हैं।