कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही अधिकारियों के निरीक्षण में उजागर हो रही है। सोमवार को रसूलाबाद तहसीलदार ने सात परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। कई स्कूलों में बच्चों से झाडू़ लगवाई जा रही थी तो तहसीलदार ने नाराजगी जता स्वयं स्कूल में झाड़ूू लगाई। बच्चों की उपस्थिति बेहद कम मिली। शैक्षिक स्तर भी कमजोर मिला। उन्होंने स्कूलों की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
रसूलाबाद तहसीलदार राजीव उपाध्याय ने सोमवार को सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय व उसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय मुलही का निरीक्षण किया। दोनों स्कूलों में नौ बजे तक शिक्षक नहीं आए थे। यहां 41 बच्चे शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे थे। तहसीलदार ने यहां बाउंड्रीवाल से चढ़कर अंदर जाने के बाद स्कूल का मुख्य गेट खोला और इसके बाद प्रार्थना कराई।
इस बीच शिक्षक स्कूल पहुंचे। शिक्षकों ने बच्चों से झाड़ू लगवाना शुरू कर दिया तो उन्होंने नाराजगी जता खुद झाड़ू लगाकर स्कूल का बरामदा साफ किया। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय कृपालपुर का निरीक्षण किया। यहां पंजीकृत 31 में केवल 9 बच्चे मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय मदारपुर की स्थिति संतोषजनक मिली।
प्राथमिक विद्यालय बिरिया में निरीक्षण के दौैरान बच्चों को झाड़ू लगाते देख वहां भी नाराजगी जता खुद झाड़ू लगाई। यहां शिक्षिका सपना देवी व सुनील कुमार उपस्थित थे। सुनील कुमार ने 12 से 14 जुलाई तक उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं किए थे जिस पर उन्हें उक्त तिथियों में अनुपस्थित कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय गाऊपुर में पंजीकृत 50 बच्चों में 11 मौजूद मिले।
उच्च प्राथमिक विद्यालय गाऊपुर में पंजीकृत 48 में 12 बच्चे मौजूद मिले। स्कूलों में छात्र संख्या कम मिली तथा बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहद कमजोर मिला। तहसीलदार ने बताया कि निरीक्षण आख्या कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी गई है। स्कूलों में बड़े पैमाने पर लापरवाही उजागर हुई है।