घाटमपुर कसबा स्थित ब्लाक मुख्यालय सभागार में आयोजित तहसील दिवस में जिलास्तरीय अधिकारियों के न आने से सन्नाटा पसरा रहा। एसडीएम और सीओ ने फरियादियों की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए संदर्भित किया। दोपहर में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एसएन तिवारी पहुंचे।
तहसील दिवस में भी एसडीएम ने शिकायतें सुनीं थीं। जबकि, इस बार किसी जिला स्तरीय अधिकारी के आने की उम्मीद थी। लेकिन, सुबह खराब मौसम के चलते फरियादी कम संख्या में आए। वहीं, जब पता चला कि जिला स्तर का कोई अधिकारी नहीं आया है तो तमाम शिकायतकर्ता अपनी शिकायत दर्ज कराए बिना ही लौट गए।
तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे उपजिलाधिकारी कमलेश चंद्र बाजपेई के सामने पूर्व के तहसील दिवस की तरह ही खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अपात्रों को दिए जाने, खराब पड़े नलकूपों और हैंडपंपों की समस्या, बिजली, पेयजल संकट
और चकबंदी सहित कई विभागों के खिलाफ शिकायतें आईं।
तहसील दिवस की समाप्ति तक कुल 43 प्रार्थनापत्र दर्ज किए गए। इनमें अधिकांश राजस्व, विकास, खाद्य और पुलिस विभाग से संबंधित रहे। दोपहर में पहुंचे एसपी (ग्रामीण) के साथ सीओ कृष्णकुमार, तहसीलदार संजीव कुमार शाक्य और खंड विकास अधिकारी (घाटमपुर) पीसी राम ने शिकायतों को सुना। शाम को बताया गया कि छह मामलों का मौके पर निस्तारण करवाया गया।