घाटमपुर। कोतवाली क्षेत्र के परास गांव में नीलगाय का शिकार कर रहे सात शिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से मारी गई नीलगाय का मांस और खाल के साथ ही एक बंदूक, कुल्हाड़ी और छुरा भी बरामद हुए।
आरोपियों में पांच शिकारी परास गांव के ही रहने वाले हैं। जबकि, एक राजस्थान और दूसरा हमीरपुर निवासी है।
थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दोपहर में सूचना मिली कि कुछ लोग परास गांव के बाहर नीलगाय का शिकार कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस दल गांव पहुंचा।
इस दौरान शिकारियों ने एक नीलगाय का शिकार कर लिया। परास गांव के ही गोपाल जी के खेत में नीलगाय का मांस निकालने की सूचना मिली।
पुलिस ने खेत को चारों ओर से घेर लिया। यह देख शिकारियों ने पहले पुलिस दल पर हमला कर भागने का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस ने उनको आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया।
तलाशी में उनके पास एक बंदूक, एक कुल्हाड़ी और एक छुरा (चापड़) बरामद हुए। जबकि, नीलगाय का मांस और खाल भी मिल गई।
एसओ ने बताया कि पकड़े गए शिकारियों में राजस्थान के गांव बिलविन निवासी पंचम, गांव अरतरा, थाना मौदहा (हमीरपुर) निवासी रामबली कोरी, गांव परास (घाटमपुर) निवासी हीरा संखवार, अरुण संखवार, रामनरेश संखवार, महाबीर संखवार और दीपू संखवार समेत सात लोग शामिल हैं।
बताया कि पकड़े गए शिकारियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जबकि, बरामद मांस को परीक्षण के लिए पशु चिकित्सक के पास भेजा जा रहा है।
बताया कि राजस्थान के शिकारी पंचम के पास मिली बंदूक के लाइसेंस के बारे में जानकारी की जा रही है। जबकि, नीलगाय का शिकार करने का परमिट भी शिकारियों के पास नहीं था।