झींझक में रविवार की सुबह कस्बा के बतासा वाली गली में आग लगने से चार दुकानें जलकर राख हो गईं। क्षेत्रीय लोगों ने आग लगने की सूचना दमकल को दी लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया। तब तक लाखों का माल जल चुका था। आग लगने की वजह पता नहीं चल सकी। पुलिस ने होटल संचालक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
मालवीय नगर निवासी प्रशांत पाल बतासा वाली गली में नई दुकान (खाने पीने) की शुरूआत करने जा रहा था। छप्पर की दुकान बनाकर उसमें सारा सामान रखा था। रविवार सुबह करीब 4 बजे छप्पर की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पड़ोस में रामू गुप्ता की मिठाई की दुकान, सोनी खां की रेडीमेट शॉप और मुन्ना खां की मूंगफली की दुकान को चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद से आग को काबू करने का प्रयास किया लेकिन दमकल मौके पर नहीं पहुंची। करीब एक घंटे तक लोगों के बाल्टियों से पानी डालने के बाद आग काबू में आई। वहीं, चारों दुकानदारों ने बताया कि आग से करीब सभी का मिलाकर साढ़े चार लाख रुपये का माल जलकर राख हो गया है। एसओ एके दुबे ने बताया कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। जांच के बाद ही कारणों का पता चल सकेगा। जांच की जा रही है।
चूल्हे की चिंगारी से किसान की गृहस्थी जली
शिवली। कोतवाली क्षेत्र के पिटरापुर गांव में चूल्हे की चिंगारी से लगी आग से किसान जयराम पाल की गृहस्थी जलकर राख हो गई। जयराम पाल ने बताया कि रविवार सुबह उसकी पत्नी चूल्हे पर खाना बना रही थी। तभी हवा के साथ चिंगारी छप्पर तक पहुंच गई। देखते ही देखते छप्पर की आग विकराल हो गई। परिवार वालों ने घर से निकलकर जान बचा ली। जब तक गांव वालों ने पानी डालकर आग को काबू किया, उसकी हजारों की गृहस्थी जल चुकी थी। आग की सूचना पाकर एसडीएम राम शिरोमणि ने राजस्व अधिकारियों को मौके पर भेजा। एसडीएम के अनुसार नुकसान का आंकलन कर आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।