अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कंधिया गांव में रविवार सुबह एक काला भालू कहीं से भटककर आ गया। उसे देखकर गांववालों में हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम पूरे दिन जाल लगाकर भालू को पकड़ने का प्रयास करती रही। इस दौरान भालू के हमले में चार लोग घायल हो गए। 10 घंटे की मशक्कत के बाद देर शाम भालू को पकड़ कर कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया। माना जा रहा है कि पानी की तलाश में भटकते-भटकते भालू गांव में आ गया।
सुबह करीब दस बजे माती मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर कंधिया गांव में शेडयूल वन प्रजाति का काला भालू पहुंच गया। भालू ने गांव में रिंकू और संतोष पर हमला कर दिया। पंजा लगने से दोनों जख्मी हो गए। ग्रामीणों के खदेड़ने पर भालू गेहूं के खेत में घुस गया। इस पर ग्रामीणों ने कंधिया गांव, बिच्छुपुरवा, मिश्रीपुरवा, बहवलपुर में घेराबंदी कर वन विभाग को सूचना दी। डीएफओ राजीव मिश्रा, उप प्रभागीय वनाधिकारी, वन दरोगा अमित कटियार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भालू को पकड़ने का प्रयास किया।
भालू ने वन विभाग के चालक रामनरेश त्रिपाठी पर हमला कर घायल कर दिया और घेराबंदी तोड़ते हुए गेहूं की फसल में छिप गया। दोपहर बाद भालू खेतों से निकल कर कंधिया गांव के जंगल में छिप गया, जहां पर वन टीम ने जाल लगाकर पकड़ने का प्रयास किया। शाम को भालू ने ग्रामीण मोइनुद्दीन पर हमला बोल दिया। उसके पंजे लगने से मोइनुद्दीन के पैर व कमर में गंभीर जख्म हो गए। देर शाम वन विभाग की टीम, शिकारियों, कोतवाली पुलिस व ग्रामीणों की दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भालू को पकड़ा जा सका।
मुख्य रेस्क्यू ऑपरेशन कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. नासिर की टीम ने किया। वन दरोगा अमित कटियार ने बताया कि भालू को कानपुर चिड़ियाघर रवाना किया गया है।