बीते सोमवार की शाम टीवी चैनल के पत्रकार बताकर अवैध वसूली करने पहुंचे कथित चारो पत्रकारों को पुलिस ने मंगलवार की शाम जेल भेज दिया।
इधर, उनकी गिरफ्तारी होने और मुकदमा दर्ज होने की खबर पर शहर से कुछ पत्रकार पैरवी में देररात थाने पहुंचे। तो वहां मौजूद व्यापार मंडल के सदस्यों से उनकी झड़प हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
पुलिस ने किसी तरह उनको समझा-बुझाकर शांत किया। कसबे के सदर बाजार निवासी व्यापारी रामबाबू सोनी के यहां सोमवार की शाम चार युवक कसबा चौकी पुलिस के साथ पहुंचे।
खुद को टीवी चैनल का पत्रकार बताकर व्यापारी की दुकान की वीडियोग्राफी करने लगे और उस पर तंबाकू मिश्रित गुटखा बेचने का आरोप लगाते हुए उससे सौदेबाजी करनी शुरू कर दी।
आरोप है कि खबर न प्रसारित करने के एवज में दो लाख रुपये की मांग की। जबकि, दुकानदार का आरोप है कि कथित पत्रकार अपने साथ एक बैग में गुटखा के पाउच लाए थे। जिनको उसके दरवाजे के पास डालने के बाद वीडियोग्राफी की।
इसी दौरान शक हो जाने पर व्यापारी ने फोन कर व्यापार मंडल के सदस्यों को बुला लिया। व्यापारियों ने कथित पत्रकारों को घेर लिया।
मामला बिगड़ते देख साथ गई पुलिस चारों को थाने ले आई, जहां पूछताछ में वह अपने पत्रकार होने का कोई प्रमाण पेश नहीं कर सके। देररात कथित पत्रकारों की पैरवी के लिए शहर से कुछ पत्रकार घाटमपुर कोतवाली आए। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इसकी भनक कसबे के व्यापारियों को लगी तो वह भी जा धमके। मामले को लेकर व्यापारियों और पत्रकारों के बीच कहासुनी होने लगी और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
यह देख पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत किया और पारदर्शी कार्रवाई का भरोसा दिया। इधर, मंगलवार की सुबह कसबे के किराना मंडल के सदस्यों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं।
उनका कहना था कि कथित पत्रकार उनको धमकी देकर अवैध वसूली करने आए थे। और मामले में पुलिस उनको संरक्षण दे रही है। दोपहर बाद पुलिस ने चारों युवकों को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू की तब व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं।