सोमवार को भी क्षेत्र के किसानों पर आग आफत बनकर बरसी। खेतों में लगी आग से किसानों की करीब 122 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देर सेआने पर किसानों की कई बार अधिकारियों से झड़प भी हुई। मौके पर पहुंची पांच दमकल गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमर पाल व एएसपी मनोज सोनकर मौके पर पहुंचे। बैरी असई में आठ बीघा फसल जल गई। साथ ही दो घर भी आग की चपेट में आ गए। आग में एक भैंस व बकरी की झुलसने से मौत हो गई।
घटनाक्रम के मुताबिक, सुबह करीब 9.45 बजे आग भड़की। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग महुआ तोड़ने के लिए आग जलाए थे। उसी की चिंगारी से भड़की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग बढ़कर बलुआपुर मौजा के संग्रामपुर, जोरावरपुर, लालपुर शिवराजपुर, बिड़ाहरा, बलुआपुर के किसानों के खेतों तक पहुंच गई। लपटें देख किसान खेतों की तरफ दौड़ेे। सुरेंद्र सिंह चंदेल, सुरेंद्र यादव सहित तमाम लोगों ने अधिकारियों को फोन करके सूचना दी। इस पर एसडीएम बृजेंद्र कुमार व तहसीलदार राजीव उपाध्याय मौके पर पहुंच गए।
किसान रामदत्त शुक्ल, अशोक, नवाब, लाखन सिंह ने आरोप लगाया कि सूचना देने के काफी देर बाद अकबरपुर, रसूलाबाद, कानपुर नगर, रूरा से पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची। तब तक ग्रामीण आग पर काबू पाने का असफल प्रयास करते रहे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। एडीएम वित्त व एएसपी ने मौके पर जाकर किसानों को ढांढस बंधाया। तहसीलदार राजीव उपाध्याय ने बताया कि बलुआपुर मौजा के गांवों में 103 किसानों की 114 बीघा गेहूं फसल जल गई। जब कि बैरी सवाई में 11 किसानों की आठ बीघा फसल जल गई। वहीं, बैरी गांव में राजा व शफी मोहम्मद के घर पर आग लग गई। इसमें सफी मोहम्मद की एक भैंस व बकरी जलकर मर गई।
इधर बलुआपुर मौजा के श्रीराम, लाखन सिंह, नाहर सिंह, लाल सिंह, जंटर, मुन्ना, बादशाह बिडाहरा, कुंवरपाल बलुआपुर, बंगाली जुरावरपुर, रामसनेही लालपुर, सांवले लालपुर रजोल लालपुर, अरविंद जोरावरपुर, कमलेश, शेरबहादपुर, जय सिंह, गजराज, प्रताप,फूल सिंह, राधेलाल, धीरेंद्र, सुंदरलाल, रामप्रसाद, दीपू चंदेल लालपुर ,रामचंद्र, कालिका, महेश आदि की फसल जल गई। जबकि बैरी असई में सुरेश, दिनेश, कमलेश, वीरेंद्र, छोटेलाल आदि किसानों की गेहूं की फसल राख हो गई। स्थानीय विधायक प्रतिभा शुक्ला ने दोनों ही जगहों पर पहुंचकर किसानों को ढांढस बंधाया व मदद का आश्वासन दिया।