खेरेश्वर गंगाघाट का पुल उद्घाटन के इंतजार में।
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तहसील में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए विविध नवनिर्मित भवनों का अभी तक शुभारंभ नहीं हो सका है। इस कारण निर्माणाधीन इकाइयों का लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि जल्दी ही इन जन कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ नहीं होता तो आचार संहित के लागू होते ही आम जनता को इनका उपभोग करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेश सरकार ने दशकों पुरानी शिवराजपुर के लोगों की मांग को पूरा करते हुए खेरेश्वर गंगा घाट पर पांच करोड़ रुपये की लागत से गंगा नदी पुल का निर्माण कराया है, लेकिन निर्माण के एक वर्ष बाद भी शासन- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने पुल के उद्घाटन की सुध नहीं ली है।
इसी तरह शिवराजपुर के उदेतपुर गांव में नोन नदी पुल पर उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से पुल का निर्माण 80 लाख रुपये से कराया गया है। इस महत्वपूर्ण पुल के उद्घाटन का इंतजार है। मुडेरी गांव में अग्निशमन केंद्र की स्थापना की गई है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते दमकलें चौबेपुर के एक शीतगृह में खड़ी हो रही हैं।
उधर ककवन ब्लाक के विषधन कस्बे और आसपास के गांवों के लोगों को लाभ देने के लिए 50 लाख रुपये से कस्बे के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना कराई गई, लेकिन निर्माण के छह माह बावजूद यह अस्पताल आज तक आम जनता के लिए शोपीस बना हुआ है।
इसी तरह चार करोड़ से तैयार तहसील मुख्यालय के नए भवन का निर्माण भी शासन ने किया, लेकिन सात माह से तैयार इस तहसील भवन के उद्घाटन का इंतजार है। मकनपुर में 40 लाख रुपये से बने सामुदायिक भवन को भी उद्घाटन की दरकार है।
उत्तरीपुरा कस्बा स्थित मंडी समिति में आधा सैकड़ा से अधिक दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया उद्घाटन के फेर में फंसी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 शैय्या का मैटरनिटी विंग के शुभारंभ का इंतजार लंबे समय से क्षेत्रीय लोगों को है।