जितेंद्र की मौत के बाद कस्बे में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच झड़प चलती रही। कई समूहों में बंटे वकीलों के एक समूह ने जीटी रोड जाम किया तो दूसरे समूह ने जगह-जगह पथराव कर दिया। तीसरे समूह ने पूरे कस्बे में घूम-घूम कर प्रदर्शन किया।
बिल्हौर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पूरी कोतवाली निलंबित करने और आरोपियों पर 302 का मुकदमा दर्ज कराने की मांग रख दी। मौके पर पहुंचे एसपी ग्रामीण एसएन तिवारी और एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने वकीलों से कई राउंड बातचीत की और सात घंटे बाद जीटी रोड का जाम खुला।
बिल्हौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजीत सिंह ने बताया कि जितेंद्र पाल के हत्यारोपी पुलिस के साथ सांठगांठ थी। तहरीर लिखाने के लिए जितेंद्र के परिजनों को घंटों परेशान किया गया। पुलिस के पक्षपाती रवैये के कारण सुबह ग्यारह बजे ही दर्जनों अधिवक्ता कोतवाल जीवाराम यादव से वार्ता करने पहुंचे। वार्ता के दौरान सिपाही के वीडियोग्राफी करने पर सिपाहियों और वकीलों में झड़प हो गई।
जितेंद्र की मौत की सूचना आते ही बिल्हौर में रोष फैल गया। कई लोग हाथों में डंडे और पत्थर लेकर कोतवाली की ओर जाने लगे। ककवन रोड स्थित आरोपी सतेंद्र यादव की दुकान पर पहुंचकर कुछ लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ की। कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे फाटक पर ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर रेलवे ट्रैक रोकने का प्रयास किया । वरिष्ठ वकीलों के हस्तक्षेप के बाद ट्रैक्टर को हटा दिया गया।
ककवन समाचार प्रतिनिधि के अनुसार ककवन रोड रेलवे फाटक बंद था। ककवन थाने से आ रही फोर्स को अधिवक्ताओं ने अपना निशाना बना लिया। सिपाही चालक अभिलाष, सिपाही राम रतन घायल हो गए, जबकि गाड़ी के शीशे टूट गए। पथराव के कारण बिल्हौर कोतवाली की जीप क्षतिग्रस्त हो गई। पूर्व महामंत्री सुशंाक मिश्रा, कमल मिश्रा, अमित मिश्रा, नितिन कटियार, अमित, विनय गौतम आदि ने बताया कि अधिवक्ता साथी जितेंद्र पाल को जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वह शांत नहीं बैठेंगे।