रिंद नदी के किनारे बसे सतरहुली गांव में फैले बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार चार दिनों से डाक्टरों की टीम गांव में पहुंच रही है। शनिवार को 70 मरीजों की जांचकर 18 की स्लाइडें बनाई गईं। वहीं 40 मरीजों को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
सतरहुली गांव में फैले बुखार से 250 लोग बीमार हैं। एक पखवारे में चार लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में किसी भी मरीज में स्पष्ट रूप से डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है, इससे डाक्टर हैरान हैं।
शनिवार को एसीएमओ डा.राजेश कटियार की अगुवाई में डाक्टरों की टीम पहुंची। एसीएमओ ने बताया कि अब तक की जांच में मरीजों को वायरल व मलेरिया के लक्षण मिले हैं।
बताया कि 70 मरीजों की जांच के बाद दवाएं बांटी गईं। जबकि, बलवीर यादव (40), अंजू (18), पूजा (13), राजाबेटी (40), लालाराम (42), कुंवर (20), राजकुमारी (60), राज यादव (8), कमला (30) और भगवान देवी (35) समेत 18 मरीजों की खून की जांच के स्लाइडें बनाई गई हैं। कानपुर से आई टीम में शामिल डा. चंद्रशेखर, डा. एमएस खान, डा. पवन, डा. नीलम सचान, डा. किरन और डा. राजेश कटियार ने मरीजों की जांच के बाद दवाएं दीं।
डाक्टरों ने बुखार से पीड़ित 40 मरीजों को सीएचसी पतारा में भर्ती करके इलाज शुरू कराया। सतरहुली गांव के बुखार पीड़ित मरीजों की भीड़ के चलते पतारा सीएचसी में बेड फुल हो गए हैं।
एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। सीएचसी के अधीक्षक ने बताया कि बुखार पीड़ित मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। बताया कि दो-चार दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।