थाना क्षेत्र के गांव बिरहुन में आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसने जेवर गिरवी रखकर गेहूं की फसल बोई थी, घाटा होने पर वह कर्ज मेें डूब गया था।
बिरहुन निवासी सुखलाल भुर्जी ने बताया कि उसका पुत्र सूरज प्रसाद सोमवार सुबह करीब चार बजे लकड़ी लेने के लिए घर से निकला था। दोपहर को गांव के बाहर सरकारी नर्सरी में नीम के पेड़ पर सूरज का शव फंदे से लटकता मिला। पुलिस के साथ उप जिलाधिकारी राजीव पांडेय, तहसीलदार शंभूशरण और थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह यादव ने घटनास्थल की जांच की।
सुखलाल ने बताया कि सूरज प्रसाद भूमिहीन किसान था। गांव के लल्लन वाजपेयी का 10 बीघा खेत उसने बटाई पर ले रखा था। सूरज ने फसल बोने के लिए खाद-बीज आदि के लिए पत्नी के जेवर गिरवी रखे थे। खराब मौसम की वजह से उपज में उसे घाटा हो गया, इस कारण उसने साहूकार से कर्ज भी ले रखा था। जिससे वह परेशान रहने लगा।
वहीं, थानाध्यक्ष का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने गांव पहुंच पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया है।