भीतरगांव बिजली समस्या को लेकर भदवारा उपकेंद्र से जुड़े बौहारा समेत कई गांवों के किसानों ने रविवार को हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर गांव के बाहर खेतों पर प्रदर्शन किया। वह लोग जर्जर तारों को बदले जाने और पर्याप्त बिजली दिलाए जाने की मांग कर रहे थे।
बौहार गांव निवासी शिवदत्त शुक्ला, बृजेंद्र बाजपेई, शिवानंद, कलुआपुर गांव निवासी ओमप्रकाश और सुभाष, शिकहुला निवासी राजेंद्र और कन्हैया सिंह, शूलपुर निवासी शिवभान, गूजा निवासी रामबाबू और शंकरपुर निवासी राजू उत्तम आदि ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में कई दशक पहले बिजली लाइन खींची गई थी। तार जर्जर हो चुके हैं। इससे थोड़ा सा भी लोड पड़ते, आएदिन तार टूटकर गिरने से हादसे होते रहते हैं वहीं, तार टूटने के डर से लाइन में वोल्टेज भी कम छोड़ा जाता है जिससे नलकूपों के संचालन में भी दिक्कत पैदा होती है।
बताया कि लाइन के खंभों के बीच की दूरी अधिक होने से तार ढीले होकर जमीन के ऊपर झूलते रहते हैं। वहीं, तार टूटने की घटना के बाद कई-दिन तक बिजली गायब रही है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान बिजली समस्या को लेकर सांसद देवेंद्र सिंह भोले और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा को जानकारी दी थी।
बताया कि सांसद और विधायक ने जल्द ही उनकी समस्या को हल कराने का वादा किया था। लेकिन, आजतक समस्या का हल नहीं कराया गया है। निजी नलकूपों के सहारे खेतों में बोई गई फसलें सूख रही हैं। रविवार को बौहार गांव के किसानों ने सांसद और विधायक के साथ ही प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी किए।
लाइन दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव
भदवारा उपकेंद्र के जेई हरिश्चंद वर्मा ने बताया कि वर्ष 2016-17 में बौहार फीडर की जर्जर लाइन के तार बदलने का प्रस्ताव अनुमानित व्यय के साथ भेजा गया था। लेकिन, स्वीकृति न मिलने से कार्य नहीं हो पा रहा है। बताया कि दूसरी ओर भदवारा उपकेंद्र की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है अब वहां पर 5 एमबीए की जगह 10 एमबीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगवाया जा रहा है। इलाके के गांवों को काट-काटकर बिजली आपूर्ति की जा रही है।