रनियां में ध्वस्त पड़ी चिरौरा गांव की सड़क।
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद चिराना गांव तक बनाई गई सड़क खस्ताहाल है। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संपर्क मार्ग इन दिनों दुर्दशा का शिकार है। हालात यह हैं कि इस मार्ग में डामर नाम की कोई चीज नहीं बची है। 800 मीटर सड़क नालियों में तब्दील हो गई है।
मंटोरा चौराहे से चिराना गांव तक सड़क पर आए दिन दुर्घटना हो रही हैं। इन दिनों पूरी तरह बदहाली का शिकार है। इस मार्ग में कई इकाई बनी हुई हैं। रोजाना इकाइयों का माल वाहनों से ओवर लोड कर सड़क से होकर गुजरते हैं। इससे सड़क में बडे़- बडे़ गड्ढे हो गए हैं। वहीं, खराब सड़क होने के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ओवर लोड गाड़ियों को सड़क पर खड़ा करा देते हैं।
सोमवार को मंटोरा चौराहे लोगों में आक्रोश नजर आया। मंटोरा निवासी लल्ला गुप्ता, अंकुर गुप्ता, शिवम सिंह आदि ने बताया कि सड़क को खराब हुए 15 वर्ष बीत चुके हैं। सड़क खराब होने के पीछे सबसे बड़ा कारण ओवरलोड वाहनों का निकलना है। इससे सड़क कई जगह पर गड्ढों में तब्दील हो गई है।
बताया कि बरसात के समय घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे ग्रामीणों को और स्कूली बच्चों को निकलने मे परेशानी होती है। कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।