शनिवार को जिले के परिषदीय स्कूलों में अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षाएं शुरू हुई। कई केंद्रों पर बच्चे आपस में नकल करते रहे। शिक्षक अनदेखा करते मिले।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई। इस दौरान सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कक्षा एक से लेकर पांच तक हिंदी का प्रश्न पत्र हुआ। वहीं दोपहर को 01 से 03 बजे तक कक्षा तीन, चार व पांच के बच्चों की परीक्षाएं हुई। अकबरपुर बीआरसी स्कूल में शिक्षकों की काउंसलिंग होने के चलते बच्चों की परीक्षाएं हुई। बच्चों को पूरे दिन परेशानी उठानी पड़ी। बीएसए ने कई स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। शिक्षकों की अनदेखी से बच्चे आपस में नकल करते दिखे। प्रभारी डीएम कृष्ण कुमार गुप्त ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में अव्यवस्थाओं को दिखवाया जाएगा।
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन विद्यालयों में कई परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुछ छात्रों के घर पर होने व कुछ बीमार होने से मौजूद नहीं रहे। स्कूलों में परीक्षार्थी एक-दूसरे की नकल करने में व्यस्त मिले।
बीआरसी के अंतर्गत 111 प्राथमिक व 44 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। शासन की मंशा के अनुरूप शनिवार से विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू हो गई।
परीक्षा शुरू होने पर विद्यालयों में पहुंचकर हकीकत देखने पर रतनियापुर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक सरमन सिंह, सहायक अध्यापक राजकुमार सिंह व जहर सिंह परीक्षा कक्ष में छात्रों की परीक्षा करा रहे थे। कक्षा एक में 15 के सापेक्ष 10, कक्षा दो में 13 के सापेक्ष 11, कक्षा तीन में 18 के सापेक्ष 18 , कक्षा चार में 19 के सापेक्ष 16 व कक्षा पांच में 21 के सापेक्ष 21 छात्र अंग्रेजी विषय की परीक्षा में मौजूद मिले।
संदलपुर क्षेत्र के भड़पुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पुत्र परीक्षा में बोल-बोल कर प्रश्र हल करा रहे थे। जहां पर पंजीकृत 22 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 11 उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय में 61 के सापेक्ष 38 मिले। महमूदापुर के प्राथमिक विद्यालय में सभी छात्र-छात्राएं झुंड बनाकर परीक्षा दे रहे थे। प्रधानाध्यापक नवल किशोर ने बताया कि पंजीकृत 43 के सापेक्ष 26 छात्र उपस्थित मिले। खंड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार अवस्थी ने बताया कि परीक्षा में खामियों का मामला सामने आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।