निरीक्षण करते मुख्य संरक्षा आयुक्त
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रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य ने बुधवार को दुर्घटना के मामले में गहन पड़ताल की। जांच टीम के अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट न होने पर उनको फटकार भी लगाई।
मालूम हो कि 19 नवंबर की रात पुखरायां स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में तीन कोचों के 150 मुसाफिरों की मौत हुई थी। बुधवार को सुबह करीब 10 बजे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे मुख्य संरक्षा आयुक्त ने झांसी के एडीआरएम विनीत कुमार के साथ स्वयं ट्राली से ट्रैक का निरीक्षण किया। वापस स्टेशन पर पहुंचकर प्लेटफार्म की नाप कराई। इसके बाद लगभग दो घंटे टीम के अधिकारियों से पूछताछ की।
वरिष्ठ संख्या अधिकारी टीपी सिंह से जांच के बारे में सटीक जवाब न मिलने पर उन्हें फटकार लगाई। खासकर इंजीनियरिंग विभाग ही जांच के निशाने पर रहा। प्रिंसिपल चीफ आलोक रंजन, सीनियर डीईएन संजय भगत, इलाहाबाद जोन के मुख्य संरक्षा अधिकारी एमपी सिंह, डीईएन एनएस यादव, सीनियर डीईएन अनुराग सिंह के साथ रेलवे सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद भी मौजूद रहे। इसके बाद झांसी के तत्कालीन डीआरएम एसके अग्रवाल भी पहुंचे और जानकारी दी।
वहीं पत्रकारों को कवरेज करने से रोकने पर मुख्य संरक्षा अधिकारी ने एडीआरएम को कड़ी फटकार लगाई और उनसे जवाब तलब भी किया। वह शाम को फिर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और पुराने ट्रैक पर कानवेक्स लेंस से निशान देखकर जांच करते रहे। जांच अधिकारी दुर्घटना से संबंधित वीडीओ फुटेज उपलब्ध नहीं करा सके। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।