डेरापुर। थाना क्षेत्र के मल्लाहनपुरवा गांव में शनिवार की देर रात फूस के बंगले में लगी आटा चक्की में संदिग्ध हालात आग लग गई, इससे वहां रखवाली कर रहे 90 वर्षीय वृद्ध की झुलसकर मौत हो गई। मामले में पौत्र ने पांच लोगों के खिलाफ जिंदा जलाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में जमीन को लेकर विवाद है। घटना के दौरान कुछ बिंदु संदेह के घेरे में है, इसकी गहनता से जांच की जांच कर रही है।
थाना क्षेत्र के फरीदपुर निटर्रा गांव के मजरा मल्लाहनपुरवा निवासी मंसुुख (90) फूस के बंगले में आटा चक्की लगा रखी है। इसका संचालन उसका बड़ा पौत्र ज्ञान बाबू करता है। रात के समय आटा चक्की वाले बंगले में ही वह अपनी बकरियां भी बांध लेता था। शनिवार की रात वह रखवाली के लिए बंगले में चारपाई पर सो रहा था। रात में संदिग्ध हालात में आग लग गई। आग की चपेट में आकर वृद्ध मंसुख व एक बकरी की जलकर मौत हो गई। लपटे देख दौड़े ग्रामीणों ने आग बुझाई। ज्ञान बाबू ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह और उसके बाबा आटा-चक्की व बकरियों की रखवाली के लिए अलग-अलग चारपाई पर सो रहे थे। रात करीब दो बजे पारिवारिक प्रहलाद, सोनू चंद्रदीप उर्फ पूरन लल्ला, पवन के अलावा दिनेश पुत्र ननखे निवासी भावरपुर रंजिश के चलते लाठी-डंडा व चाकू लेकर आए और उसे दबोच लिया।
उक्त लोगों ने पेट में चाकू से दो बार करते हुए उसके गले में रस्सी का फंदा डाल दिया और उसके हाथ-पैर चारपाई में बांधकर बंगले में आग लगा दी। उसकी रस्सी आग की चपेट में आकर जल गई, जिससे वह छूट कर बाहर निकला, जबकि बाबा की जलकर मौत हो गई।
प्रभारी थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते फॉरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल से सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पिता, पुत्र सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या व आगजनी की रिपोर्ट दर्ज की गई।