कूष्मांडा देवी मंदिर के सामने डंपर ने साइकिल सवार दो सगे भाइयों को टक्कर मार दी। हादसे में साइकिल सवार छोटे भाई की मौके पर ही मौत हो गई जबकि, बड़ा भाई बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद डंपर चालक को वहां मौजूद लोगों ने पकड़कर जमकर धुनाई की। साथ ही डंपर में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान हादसे से नाराज लोगों ने कानपुर-सागर राजमार्ग जाम कर दिया। करीब ढाई घंटे तक हाईवे पर लगा जाम हटवाने में अफसरों को पसीना छूट गया। हालांकि अफसरों के समझाने के बाद नाराज लोगों ने जाम हटाया। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
शुक्रवार दोपहर गांव बीरपुर निवासी छोटे संखवार के पुत्र देवा (12) व शंकर (8) कस्बे में दवा लेने गए थे। बड़ा बेटा देवा साइकिल चला रहा था जबकि शंकर आगे बैठा हुआ था। दोनों जैसे ही कूष्मांडा देवी मंदिर के सामने पहुंचे तभी, एक डंपर ने उनकी साइकिल पर टक्कर मार दी। टक्कर से देवा उछलकर सड़क के एक ओर जा गिरा जबकि, शंकर (8) साइकिल समेत डंपर के नीचे आ गया। डंपर का पहिया उसके सिर के ऊपर चढ़ जाने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने हमीरपुर के मौदहा निवासी डंपर चालक शिवकुमार कुशवाहा को दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी पिटाई की। कुछ लोगों ने डंपर में भी तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची हाइवे पेट्रोलिंग पुलिस ने डंपर चालक को छुड़ाकर थाने पहुंचाया।
इधर, इस हादसे से नाराज लोगों ने कानपुर-सागर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे और कसबा चौकी इंचार्ज मो.नईम खान ने लोगों को समझाने का प्रयास किया पर आक्रोशित लोगों ने जाम नहीं खोला। जाम के चलते हाईवे के दोनों तरफ कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हादसे के ढाई घंटे बाद सीओ सीओ आरके चतुर्वेदी और तहसीलदार अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे और जाम खोलने की अपील की। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिला मधू की अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। अफसरों के समझाने पर भी जाम खुलता न देख भाजपा नेता कमेलेश त्रिवेदी और सपा नेता विजय सचान ने लोगों को समझाया ।इस पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और जाम खुलवाया जा सका। कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।