सजेती (घाटमपुर) थाना क्षेत्र के लहुरीमऊ गांव में मुआवजे की मांग पर सीएम की रैली में उपद्रव करने में नामजद भाकियू जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष व महिला सभा जिलाध्यक्ष को पुलिस ने गत बुधवार को पकड़ा था। गुरुवार को माती जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उधर, इस घटना के बाद से किसानों में आक्रोश है। बता दें कि नामजद आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर 18 दिसंबर को किसानों ने हमला कर दिया था। पुलिस ने 92 ज्ञात और 200 अज्ञात पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
बता दें कि कानपुर के घाटमपुर स्थित नेयवेली पावर प्लांट में अधिगृहित भूमि की नई दरों पर मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाए जाने की मांग पर भाकियू के बैनर तले किसानों ने आदोलन शुरू किया था। यूनियन की हमीरपुर शाखा के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत निवासी पवई थाना जूरिया हमीरपुर व महिला सभा की जिलाध्यक्ष विशाखा राजपूत निवासी पवई थाना जूरिया हमीरपुर की अगुवाई में 15 दिसंबर 2016 को हमीरपुर में सीएम अखिलेश यादव की जनसभा में किसानों ने कुर्सियां तोड़कर नारेबाजी की थी।
मामले में नेयवेली पावर प्लांट के चौकी इंचार्ज सत्यप्रकाश ने 10 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस 18 दिसंबर को दोनों आरोपियों को पकड़ने गई थी। तभी निरंजन को गिरफ्तार करते किसानों ने पथराव कर दिया था। किसानों के पथराव में सजेती थानाध्यक्ष, क्राइम ब्रांच प्रभारी, हमीरपुर कोतवाल सहित कई महिला व पुरुष सिपाही घायल हुए थे। इस ीमामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी भाकियू जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत व महिला सभा की जिलाध्यक्ष विशाखा राजपूत को पकड़ा है।
गुरुवार को सजेती थानाध्यक्ष आद्याप्रसाद वर्मा ने दोनों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या 3 छांगुर राम की अदालत में पेश किया। सहायक अभियोजन अधिकारी जयहिंद त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इसकी अब अग्रिम कार्रवाई आगे होगी।