बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के चंपतपुर संजती बादशाहपुर गांव में बुधवार की भोर पहर किसान की खेत के समीप संदिग्ध दशा में गोली लगने से मौत हो गई। खेतों की ओर गए ग्रामीण ने मामले की सूचना पुलिस को दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक किसान के सिर और गर्दन पर दो गोली लगी। वहीं मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम के विशेषज्ञों का दावा है कि किसान ने गर्दन के पास तमंचा रखकर खुद को गोली मारी। गोली एक लगी या दो इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामले की तहरीर नहीं दी गई है। मामला हत्या और आत्महत्या के बीच फंसने से पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद की पड़ताल की जा रही है।
चंपतपुर संजतीबादशाहपुर गांव निवासी अशर्फीलाल यादव के लाला, राजेंदर और राजू तीन पुत्र थे। ग्रामीणों के मुताबिक अशर्फीलाल की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। तब से तीनों भाइयों में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा है। राजू (35) का अपने दोनों बड़े भाइयों से जमीन को लेकर कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है, विवाद के कारण घर और पंचायत में कई बार फैसले भी हुए पर परिवार की कलह कम न हुई।
ग्राम प्रधान पति बलराम सिंह ने बताया कि बुधवार को भी तीनों भाइयों और उनकी पत्नियों में पैतृक संपत्ति बंटवारे को लेकर कहासुनी हुई। गुरुवार भोर पहर ही राजू अपने मक्का खेत की सिंचाई के लिए खेतों पर गया था। जहां सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों को राजू का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा देखा, पास ही एक तमंचा भी पड़ा मिला है। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने शव के आसपास से साक्ष्य जुटाएं। वहीं एसओ एके सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही स्थित स्पष्ट हो सकेगी।
मेरे बच्चे तो अनाथ हो गए..
चंपतपुर संजती बादशाहपुर गांव निवासी राजू की मौत के बाद पत्नी राखी और तीन बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। पति के शव पर पत्नी राखी बिलख कर परिवार के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगा रही थीं। ग्रामीणों के मुताबिक राजू ही परिवार का मुखिया था। उसकी मौत के बाद दो बेटी और एक बेटा अनाथ हो गए।राखी और तीन बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। पति के शव पर पत्नी राखी बिलख कर परिवार के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगा रही थीं। ग्रामीणों के मुताबिक राजू ही परिवार का मुखिया था उसकी मौत के बाद दो बेटी और एक बेटा अनाथ हो गए।