घाटमपुर कोतवाली के अमरीपुर गांव में ब्याही एक युवती के लापता होने की घटना में हिरासत में लिए गए उसके पति ने उसकी मौत हो जाने की बात कही है।
इधर, पुलिस के पास अभीतक कोई ठोस साक्ष्य हाथ न लगने से मामला संदिग्ध बना हुआ है। एसओ एके सिंह ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य के बिना अभी किसी को आरोपी बनाया जाना उचित नहीं है।
थाना मुस्करा (हमीरपुर) के गांव मसगांव निवासी हरिचरन काछी ने अपने दामाद के खिलाफ पुत्री उर्मिला (26) की हत्याकर करके लाश गायब करने और उसकी चार वर्षीय मासूम बेटी आकांक्षा के गले में रस्सी का फंदा कसकर गला घोटने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
पुलिस उर्मिला के पति धर्मेंद्र उर्फ बबलू कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपी ने बताया कि 16 दिसंबर को उसकी पत्नी उर्मिला अपनी बेटी आकांक्षा (4) को बुरी तरह पीट रही थी। उसने मना किया तो उनके बीच कहासुनी हो गई।
बताया कि नाराज उर्मिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। धर्मेंद्र ने बताया कि उसने डर के मारे लाश को फांसी से उतारा और रातोंरात गांव के ही एक युवक की मदद से ट्रैक्टर में रखकर मनकी घाट (मूसानगर) ले गया वहीं पुल से यमुना नदी में फेंक दिया था।
जबकि, मासूम आकांक्षा के गले में बने निशान किस चीज के हैं वह नहीं बता पाया। एसओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र के बयान की पुष्टि के लिए उसे संबंधित जगह पर ले जाकर लाश की खोजबीन की जाएगी।