कोतवाली की पुलिस चौकी पतारा क्षेत्र में दो वर्ष पांच महीने पहले हत्याकर करके फेंकी गई एक युवती और मासूम बच्ची के मामले का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।
दोनों की कोई पहचान भी नहीं हो पाई है। उनकी रेप के बाद हत्या करके शव धरमपुर बंबे के किनारे फेंक दिए गए थे। लोगों के बीच आजतक चर्चा है कि आखिरकार वह कौन मां-बेटी थीं।
09 मार्च 2014 की सुबह धरमपुर बंबा के पुल से तकरीबन 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक खेत के किनारे 30 वर्षीय एक युवती और 07 वर्षीय मासूम बच्ची के शव पड़े पाए गए। दोनों की हत्या उन्हीं के कपड़ों से गला कसकर की गई थी।
शवों से कुछ दूरी पर युवती का मंगलसूत्र भी टूटा पड़ा था। इससे अनुमान लगाया गया कि हत्यारों से बचने के लिए युवती ने संघर्ष भी किया होगा। इधर, मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने युवती और बच्ची की हत्या कहीं दूसरी जगह करने के बाद शव फेंके जाने का अनुमान लगाया था। पुलिस ने कई घंटे शवों को मौके पर ही रोके रखा और उनकी शिनाख्त कराने की भी भरपूर कोशिश की थी। लेकिन, उनकी पहचान नहीं पाई थी। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके साथ रेप किए जाने और गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात प्रकाश में आई थी।