रनियां पड़ाव के पास सोमवार की भोर तेज रफ्तार इंडो-नेपाल टूरिज्म की बस अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे स्थित दुकानों में जा घुसी। चालक की झपकी लगने से यह हादसा हुआ। तेज आवाज सुनकर बस सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। बस 33 यात्रियों को लेकर दिल्ली से नेपाल जा रही थी। दुघर्टनाग्रस्त बस को पुलिस चौकी ले जाया गया। बस सवार यात्री अन्य वाहनों से रवाना किए गए।
इंडो-नेपाल टूरिज्म की बस दिल्ली से नेपाल जा रही थी। रनियां पहुंचने पर गाजियाबाद निवासी बस चालक इसराइल को झपकी लग गई, जिससे बस अनियंत्रित को होकर हाईवे किनारे स्थित दुकानों में जा घुसी। यह देख चालक के बगल में बैठे एक यात्री ने बस की स्टेयरिंग काटकर हाईवे की ओर कर दी। इस बीच चालक की आंख खुली तो उसनेे ब्रेक लगा दिया।
इधर, बस सवार यात्रियों में चीखपुकार मच गई। वहीं घरों में सो रहे दुकानदार भी अचानक तेज आवाज सुनकर बाहर निकल आए। इस बीच आधा दर्जन दुकानों के टीनशेड पूरी तरह से टूट गए। इधर, हादसे की जानकारी पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची।
बस में सवार यात्री लखनऊ निवासी अमर सिंह, फरीदाबाद के दीपांशु घायल हो गए। वहीं हाईवे पर सवारी वाहन का इंतजार कर रहा रनियां का अशोक भी बस की चपेट में आकर जख्मी हो गया, सभी घायलों को रनियां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चौकी इंचार्ज अनूप दुबे ने बताया कि बस मालिक व दुकानदारों के बीच समझौता हो गया है। वहीं, घायल और अन्य बस यात्री अन्य साधनों से अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
शुक्र है, टल गया बड़ा हादसा
जहां पर बस अनियंत्रित हुई है वहां रनियां कस्बे के अधिकांश बच्चे एकत्र होकर अपने स्कूली वाहनों का इंतजार करते हैं। लेकिन, गांधी जयंती पर निजी स्कूल बंद रहे, जिससे सोमवार सुबह वहां कोई बच्चा नहीं था। ऐसे में बड़ा हादसा टल गया। वहीं अगर यह घटना दिन में होती तो भी कई जानें जा सकती थीं।
दुकानों में भी भीड़ रहती है। इसके साथ ही पड़ाव पर स्थित एक होटल में आने वाले वाहन भी वहीं खड़े होते हैं, उन वाहनों में बैठे लोग नाश्ता आदि करते हैं। लेकिन भोर में यह घटना होने से वहां सन्नाटा रहा।