शिवराजपुर क्षेत्र के बाकरगंज टकटौली गांव में मिले युवती के शव को पिता ने ही गला दबाकर हत्या करने के बाद ठिकाने लगाया था। बता दें कि गैर बिरादरी के लड़के संग जाने से पूरा परिवार क्षुब्ध था। परिजनों को मनाने के लिए युवती होली पर्व पर मायके आई थी। पिता ने अपने सालों के साथ हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने शव में मिले एक मोबाइल नंबर से घटना का खुलासा कर दिया है। इधर, एसएसपी ने वारदात का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
बाकरगंज टकटौली गांव में मिले युवती प्रीती (18) पुत्री लालाराम निवासी शादीपुर थाना बांगरमऊ जिला उन्नाव की हत्या हुई थी। इसका खुलासा शुक्रवार को शिवराजपुर पुलिस ने किया। सीओ बिल्हौर ने रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि मृतका प्रीती ने तीन माह पहले गैर जातीय बिरादरी के विक्रम पासी निवासी मुसका थाना बांगरमऊ से प्रेम विवाह कर लिया था। प्रीती होली पर्व पर परिजनों को मनाने शादीपुर अपने माता-पिता के पास पहुंची थी। पिता ने प्रीती की एक न सुनी।
पिता लालारान ने अपने साले बनवारी निवासी इतवारपुर थाना सफीपुर, उन्नाव के साथ मिलकर बेटी की हत्या करने का खेल रचा। 28 मार्च की रात लालाराम और बनवारी ने शादीपुर में ही प्रीती की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए लालाराम ने अपने दूसरे साले विनोद पाल का सहारा लिया। बोलेरो से शव लेकर शिवराजपुर के टकटौली बाकरगंज में आए वहां पर शव को निचली गंग नहर के पास ठिकाने लगाकर भाग गए।
पुलिस ने शव की छानबीन की, जिसमें उसके मामा लालाराम का नंबर मिल गया और पूरी घटना का खुलासा हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों ने खानदान की इज्जत के लिए आनर किलिंग कर प्रीती की हत्या की है। इस वारदात में परिवार के ही मन्नालाल पुत्र राम अवतार निवासी मोहन खेड़ा थाना अवरास जिला उन्नाव ने पूरा सहयोग किया।
हत्याकांड में पिता लालाराम पुत्र मैकू, मामा बनवारी व विनोद पाल पुत्रगण मंशाराम निवासी इतवारपुर थाना सफीपुर, जिला उन्नाव और मन्नालाल पुत्र रामअवतार को दबोच कर जेल भेजा गया है। वारदात का खुलासा करने वाली टीम में एसओ मानिक चंद्र पटेल, एसआई गज्जूराम वर्मा, एसआई सत्यदेव पाठक, सिपाही रविंदर सिंह, बृजेंद्र सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम को 2,500 रुपये इनाम की घोषणा की है। बोलेरो कार बरामद कर ली गई है।
इज्जत के खातिर पुत्री प्रीती मौत के घाट उतारने वाले पिता लालाराम ने बताया कि घटना का कोई मलाल नहीं हैं प्रीती ने गलत किया, जिसकी सजा उसे मिली। प्रीती को कई बार समझाने के लिए प्रयास किया। रिश्तेदारों ने बहुत कुछ समझाया, लेकिन उसे देहरी लांघने की सजा दी। बताया कि पहले शिवराजपुर में वह भेड़ चराने आते थे, इसलिए सूनसान जगह पर शव ठिकाने लगाने आए।