रूरा के धनीरामपुर गांव में खेत जलाने के आरोपी बच्चों को डंडों से पीटते पुलिस कर्मी।
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रूरा। क्षेत्र के धनीरामपुर गांव में मासूमों के खेल खेल में दो बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर चौकी इंचार्ज और एसआई पहुंचे और दो मासूमों पर कहर बनकर टूट पड़े। पुलिस ने खेत में ही दोनों बच्चों की डंडों से जमकर पिटाई की। पुलिस वालों को पिटाई करते देखकर किसी ग्रामीण ने हिम्मत नहीं जुटाई। उधर, इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
रूरा कस्बे के धनीरामपुर गांव निवासी रमाकांत ओमर के दो बीघे खेत में गेहूं की फसल बोई थी। गुरुवार की दोपहर गांव के ही दो बच्चे दुर्गेश (6) और नफीस (7) खेत के पास खेल-खेल में बीड़ी पी रहे थे। तभी बीड़ी की चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गई। तेज हवा होने से आग पूरे खेत में फैल गई। गेहूं की फसल धूं-धूंकर जलने लगी। ग्रामीण अपने संसाधनों से आग पर काबू करने का प्रयास किया, लेकिन हवा के चलते कुछ ही क्षणों में फसल राख हो गई।
तभी किसी ग्रामीण ने सिठमरा चौकी में सूचना दे दी। सिठमरा चौकी इंचार्ज केपी सिंह और एसआई राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने फसल जलने का गुस्सा दोनों बच्चों पर उतरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के सामने ही दुर्गेश और नफीस की डंडों से पिटाई करनी शुरू कर दी। बच्चे चीखते-चिल्लाते रहे। लेकिन चौकी इंचार्ज और एसआई दोनों पर शातिर अपराधियों का बर्ताव करते रहे। एसपी पुष्पांजलि ने बताया कि बच्चों की पिटाई करना गंभीर अपराध है। यदि पुलिसकर्मियों ने बच्चों की पिटाई की है तो मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर निश्चित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।