भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के साहबापुर गांव में सोमवार देर शाम नशेबाज ने पीटने के बाद पत्नी के हाथ-पैर बांधकर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। पत्नी की मौके पर ही जल कर मौत हो गई। बचाने के नाटक में पति के हाथ भी झुलस गए। बाद में भाइयों ने पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
साहबापुर निवासी श्रीप्रकाश ने बताया कि वह और भाई राजन व नरेंद्र गांव में अलग-अलग रहते हैं। नरेंद्र का विवाह 26 अप्रैल 2008 को चौबेपुर के मकरंदापुर निवासी अशर्फीलाल की पुत्री ननखी (32) के साथ हुआ था। सोमवार देर शाम ननखी के बच्चे बृजभान (2) और सत्यभान (6 ) रोते हुए आए और कहा कि पापा ने मम्मी को जला दिया।
इस पर वह और पड़ोसी भागकर नरेंद्र के घर पहुंचे तो देखा ननखी जल रही थी। उनको देखकर नरेंद्र पत्नी को बचाने का नाटक करने लगा। उन लोगों ने नरेंद्र को दबोच लिया और ननखी की आग बुझाई लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बाद में डीएसपी पवित्रमोहन त्रिपाठी, कोतवाल पहुंचे और नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि ननखी के मायके वालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उधर ग्रामीणों ने बताया कि नरेंद्र ने सोमवार शाम ननखी और छोटे बेटे बृजभान को पीटा था। नरेंद्र की हरकतों से आजिज आकर दो साल पहले उसकी मां सियादुलारी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उससे आतंकित पिता देवधर भी पहले गांव छोड़कर जा चुके हैं।