बीएसए कार्यालय में काउंसलिंग कराते एसडीएम।
कानपुर देहात। अंतर्जनपदीय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू से विवादों में घिरी रही। मामले को डीएम ने गंभीरता से लेकर शुक्रवार को काउंसलिंग से संबंधित प्रपत्र बीएसए से तलब कर करीब दो घंटे छानबीन की। अभी भी पत्रावलियों का परीक्षण होना बाकी है। यदि गड़बड़ी मिली तो कई लोगों पर कार्रवाई होगी।
गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों की काउंसलिंग तीन जुलाई से चल रही है। प्राथमिक व जूनियर मिलाकर कुल 323 शिक्षक आए थे, जिनकी काउंसलिंग शुक्रवार को पूरी कर ली गई। वहीं जूनियर शिक्षकों के लिए सरवनखेड़ा व मैथा ब्लाक के विकल्प पत्र न भराने, बंद कमरे में काउंसलिंग करने, पदस्थापना समिति के मौजूद न रहने आदि कई बिंदुओं पर शिक्षक बवाल करते रहे हैं।
दो दिनों तक हंगामा व बवाल चलने पर बीएसए दफ्तर में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। विवादों में घिरी काउंसलिंग प्रक्रिया की जांच के लिए डीएम राकेश कुमार सिंह ने बीएसए संगीता सिंह को शुक्रवार को तलब किया। उन्होंने काउंसलिंग संबंधित प्रपत्र अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर देखे। हालांकि, अभी प्रपत्रों की छानबीन बाकी है।
बीएसए की गैर मौजूदगी में डीएम ने एसडीएम अकबरपुर परवेज अहमद को बीएसए दफ्तर में बैठाकर काउंसलिंग कराई। दफ्तर में पुलिस बल तैनात रहा। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि सभी शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी कर ली गई है।