मलासा के मकरंदापुर में इन दिनों निशुल्क शौचालय बनवाने के लिए होड़ लगी है। एनजीओ के जरिए शौचालय निर्माण के लिए सामग्री मुहैया कराई जा रही है। 73 परिवारों में गड्ढे खोदे जा चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बैठक की गई थी। इसमें एनजीओ जिला समन्वयक विमल कुमार ने शौचालय बनवाने की जिम्मेदारी ली थी। पात्र संगीता, सावित्री, धर्मेंद्र, गुलरेज, सुरेश कुमार समेत 73 लोगों को गड्ढे खोदने का निर्देश दिया था। दरवाजे पर जगह न होने पर सुरजाना ने कमरे में ही गड्ढा खोद लिया। 12 हजार पाने के लिए कुछ ऐसे लोगों ने भी गड्ढे खोदे हैं, जिनके शौचालय पहले से बने हैं। 20 मई को राज मिस्त्री की टीम गांव आएगी जो शौचालय का निर्माण करेंगे। खुदे गड्ढे की फोटो जिला समन्वयक को भेजने का कार्य गुलरेज का है।
वहीं एक गांव की ही एनजीओ शौचालय निर्माण का माध्यम बन गया। डेयरी संचालक गांव के गजराज सिंह ने बताया कि वह एनजीओ के तहत जो लोग शौचालय बनवाने का सहयोग चाहते हैं उनको निर्माण सामग्री पहुंचाने लगे हैं। जो लोग सहयोग लेंगे उनको निर्माण का पूरा रुपया शासन से मिलने पर या अपने पास से बाद देना होगा। जिसका इस्टीमेट भी निर्धारित किया गया है।
शौचालय निर्माण का मानक भी एनजीओ ने तय किया है। खड़ंजा से ढाई फिट छोड़कर शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। वहीं जगरूप सिंह ने बताया कि उसके पास जगह नहीं है। ग्राम समाज की जगह में गड्ढा खोदा था, गांव के लोगों ने डा. भीमराव अंबेडकर पार्क की जगह होने की बात कहकर विरोध कर दिया। इससे वह शौचालय नहीं बनवा पाएगा। इस बाबत स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक विमल कुमार का कहना है कि जो पात्र हैं शौचालय निर्माण के रुपये उन्हीं को दिए जाएंगे। अपात्रों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।