मकनपुर मेले के दूसरे दिन सोमवार को घोड़ा, खच्चर, भैंस, गदहा, बकरी, गाय आदि पशुओं की खरीद-बिक्री शुरू हो गई है। इसके अलावा पशुओं से जुड़े सामान व किसानों के उपयोग वाली वस्तुओं की दुकानें सज गई हैं। जबकि, बद्दउद्दीन जिंदाशाह मदार की दरगाह पर बड़ी संख्या में जायरीनों द्वारा चादरपोशी और रश्म अदायगी का सिलसिला जारी है।
सोमवार को मकनपुर कस्बे में सजे मेले में बड़ी संख्या में पशु क्रेता - विक्रेता उमड़े। अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, बागपत सहित कई पश्चिमी जिलों से घोड़ा व्यापारी घोड़ा खरीद-बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। किसान और ग्रामीण गाय, बकरी और भैंस की खरीद-फरोख्त के लिए जा रहे हैं। मेला कमेटी के इमरान शिकोह, रामचंद्र पाल, सौरभ, जफर हसन आदि ने बताया कि बसंत पंचमी के मौके पर मेला पूरे शबाब पर होगा। जायरीनों के लिए मुसाफिर खाना और अन्य स्थानों पर ठहरने का विशेष प्रबंध करेंगे। ग्राम प्रधान पति मजाहिर हुसैन ने बताया कि मेला में आने वाली भीड़ को देखते हुए पंचायत भवन, प्राथमिक और जूनियर स्कूल के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई करवाकर लोगों को रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
सोमवार की शाम 5:30 बजे मकनपुर तहसील भवन के समीप एकाएक बिजली के शार्ट सर्किट से शबाहत हुसैन पुत्र मुकद्दस हुसैन के घर में आग लग गई। आग की लपटें उठती देखकर झूला और पशु पालकों में अफरा-तफरी फैल गई। मोहल्ले वाले और अन्य मेला में दुकान लगाए लोगों ने जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो आग विकराल रूप ले सकती थी। लोगों ने आरोप लगाया कि इतने बड़े मेला में आग लगने की घटना के बाद न अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और न ही घटना की सूचना पर दमकल की गाड़ी।