हड़ताल के बाद सीएनजी बसों का शुरू परिचालन।
कानपुर देहात। कानपुर से देहात आने वाली सीएनजी बसों के हड़ताल पर जाने से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, उन्हें न चाहते हुए डग्गामार वाहनों पर भी सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा था, हालांकि चार दिन बाद कर्मियों के हड़ताल पर लौटने के बाद मंगलवार को कस्बे में सीएनजी बसें देखने को मिली।
रोडवेज परिवहन की सिटी एसी बस के चालक रवि की 21 जुलाई को ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। वहीं विभाग की ओर से संवेदनहीनता दिखाने से सिटी बस के चालक परिचालकों में रोष था। विभाग के कर्मी मृतक के परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर 21 जुलाई को हड़ताल पर चले गए थे। इससे जनपद में सीएनजी बस आना बंद हो गया था। बस न आने से प्रतिदिन कानपुर नगर व देहात आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं न चाहते हुए लोगों को डग्गामार वाहनों से सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था।
कानपुर से कुल 30 सीएनजी बसों का विभिन्न रूटों से जनपद आना होता था, जिसमें 2 बसें फजलगंज-माती बाया बिल्हौर, 2 बसें घंटाघर-माती, 16 बसें फजलगंज-रूरा और 10 बसें रामादेवी-अकबरपुर चलती हैं। फजलगंज से रूरा सीएनजी बस के परिचालक दुर्गेश पाल ने बताया कि सिटी बस के परिचालक की मौत के कारण कर्मी हड़ताल पर चले गए थे।
विभाग ने मंगलवार को मृतक के परिवार को 3 लाख रुपये का मुआवजा व पेंशन देने का वादा किया है, जिससे दोपहर बाद से बसों का परिचालन शुरू हुआ है। वहीं उन्होंने बताया कि हड़ताल से 30 बसों से करीब 8 लाख रुपये राजस्व की हानि हुई है।