फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोहरा व कड़ाके की ठंड में स्कूल पहुंच रहे बच्चे

Sat, 23 Dec 2017 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
लाइट जलाकर निकलते स्कूली वाहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कोहरा और कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद भी मासूमों का विद्यालय पहुंचना मजबूरी बन गई। जान जोखिम में डालकर अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय पहुंचा रहे। अधिकारियों ने प्रधानाचार्य और प्रबंधक को स्वयं सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिए हैं। विद्यालयों के वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन


बुधवार की रात से ठंड का प्रकोप अधिक बढ़ गया है। वहीं, कोहरा ने भी जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। इसका सबसे अधिक प्रभाव स्कूली मासूम बच्चों पर पड़ रहा है। नौनिहाल जान जोखिम में डाल कर धुंध में स्कूली वाहनों का इंतजार करते रहते हैं। बच्चों की चिंता अभिभावकों को सालती रहती है। राजकिशोर, सुमन, विजय सिंह, मनोज कुमार, आस्था तिवारी, दिव्या, सुहानी मिश्रा, ममता यादव, राजेंद्र यादव ने बताया कि विद्यालय खुले होने के कारण बच्चे मानते नहीं हैं। मजबूर होकर ठंड में तैयार कर भेजना पड़ता है। बताया कि पुखरायां मांटेसरी स्कूलों में ग्रामीण क्षेत्र से जाने वाले बच्चों को सुबह 6 बजे से तैयार होकर रोड किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है।
वहीं, जो बच्चे वाहन से दूसरे क्षेत्र में पढ़ने जाते हैं। उनको भी भोर से ही तैयार होकर वाहन के इंतजार में खड़े होना पड़ता है। इसके लिए डर लगा रहता जब तक बच्चे विद्यालय से वापस घर नहीं आ जाते।
विज्ञापन


खंड शिक्षाधिकारी मलासा अरुणोदय सचान ने बताया कि परिषदीय विद्यालय गांव में ही हैं, जहां बच्चों को पहुंचने में कोई परेशानी नहीं है। वहीं मांटेसरी विद्यालयों के लिए 23 बिंदुओं का निर्देश दिया जा चुका है, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक की पूरी जिम्मेदारी है। इस बाबत एसडीएम राजीव पांडेय ने बताया कि छोटे बच्चों के विद्यालय समय में जिलाधिकारी ने समय परिवर्तन का निर्देश जारी कर दिया है।

वहीं, विद्यालय की व्यवस्थाओं को संज्ञान में लिया जा रहा है। प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को सुरक्षा का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय वाहनों पर स्कूल का नाम, वाहन का रंग और स्लोगन लिखना आवश्यक है। यदि कोई वाहन बगैर नाम का मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। वाहनों के धरपकड़ के लिए वाहनों के नंबर आरटीओ को भेजे जाएंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें