रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य गुरुवार को दुर्घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने करीब चार घंटे बारीकी से जांच पड़ताल की। पहले से जांच कर रही टीम के सदस्यों में सामंजस्य न होने पर नाराजगी भी जताई।
सुबह करीब 9 बजे पहुंचे मुख्य संरक्षा आयुक्त ने पटरियों और क्षतिग्रस्त कोचों की जांच की। पहियों और शाफ्ट की नाप और वीडियोग्राफी कराई। उन्होंने कोच के नीचे घुसकर अपने मोबाइल फोन से भी फोटो लिए। एसी कोच के नीचे दबे एस-1 कोच के हिस्से को मार्कर से चिह्नित कर कटवाया और उस कोच के दूसरे सिरे से भी सैंपलिंग कराई।
वहीं बी-3 कोच के पहिये खुलवाकर उनकी बियरिंग चेक कीं। जांच टीम के डिप्टी चीफ अनुराग यादव, करुणेश श्रीवास्तव और आरके जाटव में सामंजस्य नजर न आने पर उनको फटकार लगाई। उनको टॉप प्लेट समेत आधा दर्जन लिये गए सैंपल जांच के लिए लैब भिजवाने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद के एडीआरएम अनिल द्विवेदी, आरडीएस-ओईडी इंद्रजीत सिंह, ईबी सिविल प्रोफेसर पटेल, राजेश कुमार, सीएस-ट्रैफिक सीटीई सीके गुप्ता, इंजीनियरिंग संरक्षा सलाहकार सुनील कुमार, गौहाटी के एक्सपर्ट चीफ इंजीनियर सीसीपीए मुकेश ओझा आदि मौजूद रहे।