कोतवाली क्षेत्र के निषाठी गली में छत पर सो रहे एक सीएचसी कर्मी की तमंचे की गोली सिर पर लगने से मौत हो गई।
मृतक के पुत्र ने अज्ञात लोगों पर पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जबकि, पुलिस व फोरेंसिक टीम ने पूरे मामले को आत्महत्या करार दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद बरामद तमंचे, मच्छरदानी समेत कई चीजों को जांच के लिए भेजा है।
कसबे के सीएचसी कर्मी राजू दिवाकर (55) पुत्र लज्जा दिवाकर सीएचसी परिसर के पास निषाठी माता मंदिर वाली गली में परिवार के साथ रहते थे।
कोतवाली इंसपेक्टर अमर पाल सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात को राजू दिवाकर घर की छत पर पत्नी उर्मिला के साथ अलग-अलग चारपाई पर सोए थे। रात 3:30 बजे तेज आवाज के साथ उठा धुआं देखकर पास में सो रही उर्मिला चौंक गई। उसने पति को देखा तो उसके होश उड़ गए।
राजू दिवाकर मच्छरदानी में खून से लथपथ पड़ा था। चीखपुकार सुनकर पुत्र विजय दिवाकर भी आया। चारपाई के पास 315 बोर का तमंचा (अधिया) पड़ा देखकर भौचक्का रह गया। परिजन जब तक मच्छरदानी हटाते, राजू दिवाकर की मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस, डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की।
इधर, पत्नी उर्मिला ने अधिकारियों के सामने दिए बयान में बताया कि तमंचे से गोली चलने के बाद वह फौरन जाग गई, लेकिन मौके पर किसी को नहीं देखा। डाग स्क्वायड टीम ने जांच का प्रयास किया पर कोई सफलता नहीं मिली।
मृतक के पुत्र विजय दिवाकर ने अज्ञात लोगों द्वारा तमंचे से पिता की हत्या का मामला दर्ज कराया है। बिल्हौर इंसपेक्टर ने बताया कि तहरीर के अधार पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस और फोरेंसिक टीम को आत्महत्या के होने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
गोली चलने से हुई दो मौतों से नगर में दहशत- बिल्हौर। कसबे में दो सप्ताह के अंदर ही गोली लगने से दो लोगों की मौत से कसबे के लोगों में दहशत का माहौल है। 12 सितंबर को नगर पालिका चौराहे पर आलू कारोबारी रामसिंह को अज्ञात शूटर ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था।
इस मर्डर के ठीक 11 दिन बाद 23 सितंबर को मुरादनगर मोहल्ले के पास रहने वाले सीएचसी कर्मी राजू दिवाकर की तमंचे की गोली लगने से मौत लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई।
पुलिस रामसिंह हत्याकांड में अभी तक कोई फैसले पर नहीं पहुंच सकी है जबकि राजू दिवाकर मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सहित बरामद तमंचे के फिंगर प्रिंट आने पर ही पूरी स्थित स्पष्ट हो सकेगी।