नोटबंदी के चलते बुधवार को भी कस्बा समेत क्षेत्र की बैंकों में खाताधारकों की भुगतान के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कसबा स्थित एसबीआई शाखा में कैश न होने का बोर्ड लगाकर उपभोक्ताओं को बैरंग वापस लौटाया गया, जबकि बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम नहीं चल सका। नोट बंदी के 36 वें दिन भी बैंक में धनराशि निकालने के लिए डेरापुर, नुनारी, गलुवापुर बैंकों में खातेदारों को लंबी कतारें लगी रहीं।
बैंक आफ बड़ौदा शाखा डेरापुर व शाखा नुनारी में ग्राहकों को सिर्फ दस हजार रुपये का भुगतान किया गया। विशेष परिस्थिति में 24 हजार तक का भुगतान हुआ। थाना चौराहे पर स्थिति बैंक आफ बड़ौदा अधिकांश समय तक बंद रहा। डेरापुर एसबीआई शाखा में कैश न होने का बोर्ड लगा दिया गया। सुबह से लाइन में लगे खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
गत मंगलवार को शाखा में दोपहर 12 बजे के बाद सिर्फ दो-दो हजार रुपये दिए थे। उदनापुर गांव निवासी चेतनप्रताप सिंह ने बताया कि एसबीआई शाखा में जमा रुपये निकालने पहुंचे। सिर्फ एक बार 24 हजार रुपये का भुगतान हो सका है। आरोप लगाया कि बैंक शाखा के अधिकारी, कर्मचारी प्रति ग्राहक दो हजार, चार व पांच हजार रुपये भुगतान का नियम बनाते हैं। इसके बाद भी कई ग्राहकों को रुपये नहीं मिल पाते हैं।
आरोप लगाया कि कुछ लोगों के शाखा न पहुंचने के बावजूद रुपयों का भुगतान हो जाता है। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुष्टि की जा सकती है। कस्बा डेरापुर में संचालित बैक आफ बड़ौदा, एसबाआई, नुनारी में संचालित बैंक आफ बड़ौदा व गलुवापुर में संचालित बैक आफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंकों में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह से दुरुस्त रखे गए हैं। इससे बैंकों में प्रवेश करने से लेकर नगदी निकालने व जमा करने की गतिविधियों की रिकार्डिंग की जा रही है। सीसी कैमरे लगे होने से शाखा के अंदर अराजकतत्वों भी अभद्रता या अव्यवस्था फैलाने पर पकड़े जाने के भय से शांत खड़े रहते हैं।