नोटबंदी के बाद पीएनबी बैंक में घंटों लाइन में लगे रहने के दौरान सरदारपुरवा गांव निवासी नि:शक्त महिला का बैंक परिसर में प्रसव होने पर हड़कंप मच गया था।
मामला सीएम के पास पहुंचा, तो उन्होंने महिला को अपने आवास पर दो लाख रुपये की राहत चेक दी थी। अधिकारियों की लापरवाही से चेक डीएम के नाम बना दी। शनिवार को बैंक गई खजांची नाथ की मां को मैनेजर ने बैरंग लौटा दिया। जिसे लेकर वह भटक रही है।
बताते चलें कि सरदारपुरवा गांव निवासी गर्भवती नि:शक्त महिला सर्वेशा दो दिसंबर को रुपये निकालने बैंक गई थी। घंटों लाइन में लगने के बाद रुपये नहीं मिले। बैंक की कतार में ही प्रसव हो गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिला की माली हालत देखते हुए 24 दिसंबर को 2 लाख की राहत चेक दी थी।
इधर, शनिवार को चेक भुनाने बैंक में महिला के साथ गए लोगों से झड़प तक हो गई। बैंक मैनेजर सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि जिलाधिकारी के नाम कटी चेक को लेकर महिला आई थी। भुगतान नहीं हो सकता है। चेक को डीएम को देकर अपने नाम चेक कटवानी होगी।
एसडीएम डेरापुर सुरजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही महिला का भुगतान कराया जाएगा। ग्राम प्रधान राम सिंह यादव ने बताया कि महिला को लेकर जिलाधिकारी से मिलने गए थे। लेकिन डीएम साहब नहीं मिले।