चौबेपुर थाना क्षेत्र के बूढनपुर गांव में सोमवार की रात पुरानी रंजिश में एक युवक की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह परिजनों के घर पहुंचने पर वारदात की जानकारी हो हुई।
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। इधर, मृतक के पिता की ओर से गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बूढनपुर गांव निवासी चंद्रिका वर्मा के तीन पुत्रों में बीच का पुत्र अनिल वर्मा(30) अविवाहित था। मां रामकुमारी की पहले ही मौत हो चुकी है। वह घर पर ही वृद्ध पिता के साथ रहता था, और परचून की दुकान चलाता था।
सोमवार की रात चंद्रिका गेहूं फसल की सिंचाई के लिए गए थे।
अनिल घर में अकेले ही था। देररात मुख्य गेट फांदकर घुसे हमलावरों ने रजाई में सो रहे अनिल की गर्दन पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से वारकर सिर को धड़ से अलग कर दिया।
मंगलवार की सुबह घर पहुंचे पिता ने गेट खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज न आने पर आशंका हुई। उन्होंने पड़ोस के बच्चों से गेट खुलवाया। चंद्रिका ने चारपाई पर सोए अनिल की रजाई जैसे ही उठाई तो चीख निकल पड़ी।
अनिल का सिर दूसरे कमरे में खून से लथपथ पड़ा था। घटनास्थल के पास खून से सनी कुल्हाड़ी पड़ी थी। एसएसपी शलभ माथुर, एसपीआरए सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ रमेश चंद्र द्विवेदी ने मौके पर जांच पड़ताल की और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
पूछताछ में मृतक के पिता चंद्रिका ने बताया कि 19 दिसंबर को उसके भाई राकेश के खेतों में पशुओं के घुसने पर गांव के ही राम सिंह आदि से मारपीट हुई थी।
मामला थाने पहुंचने पर दरोगा ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। चंद्रिका की तहरीर पर पुलिस ने राम सिंह, रामस्वरूप और कन्हैया पुत्र रामसिंह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करा आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
परिजनों और सीओ रमेश चंद्र से तीखी बहस हुई। पुलिस ने मृतक के घर की नाकेबंदी का शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मालूम हो कि बड़ा भाई रंजीत नौबस्ता कानपुर में ही टेंट का काम करता है। छोटा भाई अरविंद गांव में ही अलग मकान बनाकर परिवार के साथ रहता है और खेती बाड़ी कर जीवन यापन करता है। किशोरावस्था में अनिल की पीठ पर भारी वस्तु गिर जाने से उसकी रीढ़ की हड्डी में कुछ समस्या आ गई थी, जिससे उसकी शादी नहीं हो सकी।