झींझक। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर लगातार ट्रेनों के आवागमन होने से शुक्रवार को करीब 40 मिनट तक फाटक बंद रहा। इसी बीच दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। वाहनों के जल्दबाजी में निकलने के चक्कर में फाटक बंद नहीं हो सका। इस कारण बीकानेर एक्सप्रेस को आठ मिनट अक्षय वट आश्रम के पास रोकना पड़ा। गेटमैन व पीआरडी के जवानों ने पटरियों से वाहन हटवाकर फाटक बंद कराया, तब ट्रेन को रवाना किया जा सका।
शुक्रवार की सुबह लगातार अप व डाउन की ट्रेने गुजरने के कारण सुबह 9 : 10 बजे से 9: 56 बजे तक रेलवे फाटक बंद रहा। इस बीच फाटक के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
करीब 40 मिनट बाद फाटक खुलने पर 9: 57 बजे जाम में फंसे वाहन एक साथ जल्दबाजी में निकलने लगे। इससे पटरी पर भी वाहन एकत्र हो गए और जाम लग गया। इस बीच 10 :05 बजे डाउन की बीकानेर हावड़ा एक्सप्रेस आ गई। फाटक खुला होने के कारण लाल सिग्नल देख चालक ने ट्रेन को अक्षयवट आश्रम के पास रोक लिया।
गेटमैन राहुल पाल व वहां ड्यूटी कर रहे पीआरडी के जवानों ने पटरियों पर फंसे वाहनों को हटवा कर 10 : 13 बजे पर फाटक बंद कराया। तब ट्रेन को रवाना किया जा सका। इस बीच करीब 8 मिनट ट्रेन खड़ी रही।
क्षेत्र के संजय, दीपक, मनमोहन, बलबीर आदि ने बताया कि फाटक पर आये दिन जाम लगने से लोगो को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार ओवरब्रिज की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्टेशन अधीक्षक झीझक वेद प्रकाश ने बताया की रेलवे लाइन में वाहन एकत्र होने पर 8 मिनट ट्रेन को रोकना पड़ा था।