तीन दिन पूर्व कस्बा रूरा के विद्युत लाइनमैन के पुत्र का अपहरण के बाद गला घोंटकर हत्या का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्यारे ने पिता से खुन्नस के चलते बदला लेने के लिए पुत्र की निर्मम तरीके से हत्या करने की बात कबूल की है।
थानाघ्यक्ष भीमसेन पौनियां, एसआई बचनेश सिंह ने एक दिसंबर को हत्याभियुक्त वीरेंद्र यादव पुत्र रज्जन सिंह यादव निवासी अंबरपुर रोड रूरा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर एक्टिवा स्कूटी, मृतक का स्कूल बैग व साइकिल, मृतक का स्कूल पहचान पत्र व दो मोबाइल बरामद किए हैं।
मालूम रहे कि कस्बा रूरा के शिवाजी नगर निवासी विद्युत लाइनमैन संजय कुशवाहा का पुत्र अनुभव कुशवाहा (14) हाईस्कूल का छात्र था। गत 29 नवंबर को अनुभव स्कूल पढ़ने गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो पिता संजय ने उसकी तलाश की। तलाशी के दौरान मालूम हुआ कि अनुभव
मंगलवार दोपहर तीन बजे डेरापुर रोड स्थित मालती गेस्ट हाउस के पास एक व्यक्ति के साथ स्लेटी रंग की स्कूटी पर देखा गया था। इसके बाद उसकी कोई सुराग नहीं लगा। गत 30 नवंबर को अनुभव का शव इंजुआरामपुर गांव के पास रेलवे पटरी पर मिला था। मामले के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने कड़े निर्देश दिए थे।
पापा अगर तुम ये न कहते...- कानपुर देहात। छात्र की निर्मम हत्या करने वाले वीरेंद्र यादव ने पिता से बदला लेने की नीयत से पुत्र की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हत्यारे ने पूछताछ में बताया कि मृतक का पिता संजय उस पर खराब आचरण व बदचलनी का आरोप लगाकर उसे बदनाम कर रहा था।
इस कारण उसके मकान मालिक ने उसे घर से निकाल दिया था। इससे आहत वीरेंद्र ने संजय को सबक सिखाने के लिए उसके पुत्र अनुभव की हत्या कर दी।
वीरेंद्र ने बताया कि छात्र अनुभव को बहला फुसलाकर रेलवे लाइन किनारे ले गया और वहां पर जूते के फीते से गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रेल पटरी पर फेंक दिया। ऐसे में पिता की ओर से वीरेंद्र पर लगाया बदचलनी का आरोप बेटे के लिए जानलेवा साबित हो गया।
रूरा पुलिस की लापरवाही से परिजन खफा- कानपुर देहात। कस्बा निवासी विद्युत लाइनमैन के पुत्र की अपहरण के बाद हुई निर्मम तरीके से हत्या के मामले में जहां पुलिस हत्याभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। वहीं मृतक छात्र के परिजन पुलिस की कार्यशैली से बेहद खफा है।
पीड़ित पिता संजय कुशवाहा ने बताया कि पुलिस हत्याभियुक्त को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन समय रहते अगर पुलिस उसके पुत्र की तलाश शुरु कर देती तो शायद मासूम अनुभव आज जिंदा होता।
बताया कि गुमशुदगी की सूचना देने पर भी रूरा पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद सुस्त रही। थानाध्यक्ष के मुताबिक अनुभव की हत्या शाम पांच बजे ही कर दी गई थी, जबकि पुलिस ने हत्यारोपी वीरेंद्र को रात दस बजे हिरासत में लिया।
पुलिस कहानी में झोल ही झोल- कानपुर देहात। दसवीं के छात्र की हत्या के खुलासे में पुलिसिया कहानी में झोल ही झोल नजर आए। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने छात्र की हत्या करने का समय शाम को पांच से छह के बीच बताया है।
अगर छात्र की हत्या कर शव रेल पटरी पर फेंकने की बात मान ली जाए तो रेलवे के मुताबिक घटना के दिन शाम पांच बजे तक पटरी व ट्रैक मरम्मत के चलते ब्लाक लगा रहा था और कर्मचारी घटनास्थल के समीप ही काम कर रहे थे।
रेलवे पीडब्ल्यूआई सलीम जावेद ने बताया कि शाम पांच बजे तक मरम्मत के चलते ब्लाक लिया गया था। घटना के समीप काम चल रहा था। इसके बाद सामान समेटकर चलने तक एक घंटे तक समय और लगा था। इस दौरान किसी शव के पड़े होने की जानकारी नहीं मिली थी।